Rajasthan Culture: राजस्थान जैसे रेतीले राज्य में पांच नेशनल पार्क का होना अपने आप में यह संदेश देता है कि राजस्थान के लोग वन्य जीव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति कितने जागरूक हैं। राजस्थान के विभिन्न स्थानीय समुदायों के द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए समय-समय पर अलग-अलग प्रयास किए जाते रहे हैं।

सरकार भी राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण एवं वन्य जीव के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रयास करती रहती है। राजस्थान ने इस ओर अपना कदम बढ़ते हुए राजस्थान के सभी जिलों के शुभंकरों के नाम वन्यजीवों के नाम पर रखा है। जो अपने आप में हीं एक सराहनीय कदम है। 

क्या होते हैं शुभंकर?

शुभंकर के शाब्दिक अर्थ पर जाए तो इसका मतलब होता है, कोई ऐसा व्यक्ति, जीव या फिर वस्तु जो भाग्य लेकर आए। सामाजिक जीवन में इसका इस्तेमाल किसी समाज या फिर समूह का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है। 

ओलंपिक में होता है इस्तेमाल

शुभंकर का इस्तेमाल आपको सबसे अधिक ओलंपिक के समय देखने को मिलेंगे। मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को मेडल के साथ-साथ ओलंपिक होस्ट करने वाले राष्ट्र की ओर से एक प्रतीक भी दिया जाता है। मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को तोहफे के तौर पर विशेष चिन्ह के रूप में शुभंकर दिया जाता है। जो यह दर्शाता है कि वह शुभकामनाओं के साथ उसे खिलाड़ी को सराह रहे हैं।

राजस्थान के सभी जिलों के शुभंकर किसी न किसी वन्य जीव को दर्शाते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विशेष संदेश देता है। यह शुभंकर वास्तव में किसी छोटे से खिलौने की तरह होते हैं, जो वन्य जीवों के प्रतिरूप होते हैं। राजस्थान के सभी जिलों के शुभंकरों के नाम निम्नांकित हैं। 

1. अजमेर- खरमोर 
2. अलवर- सांभर 
3. बांसवाड़ा- जल पीपी 
4. बारां- मगरमच्छ 
5. बाड़मेर- मारू लोमड़ी/लोकी 
6. भारतपुर- सारस 
7. भीलवाड़ा- मोर 
8. बीकानेर- भट्ट तीतर 
9. बूंदी- सुर्खाब 
10. चित्तौड़गढ़- चौसिंगा 
11. चूरू- कृष्णा मृग 
12. दौसा- खरगोश 
13. धौलपुर- पचीरा 
14. डूंगरपुर- जांघिल
15. हनुमानगढ़- छोटा किलकिला 
16. जयपुर- चीतल 
17. जैसलमेर- गोडावण 
18. जलो- भालू
19. झालावाड़- गागोनी तोता 
20. झुंझुनू- काला तीतर 
21. जोधपुर- कुरजा 
22. करौली- घड़ियाल 
23. कोटा- ऊदबिलाव 
24. नागौर- राजहंस 
25. पाली- तेंदुआ 
26. प्रतापगढ़- उड़न गिलहरी 
27. राजसमंद-भेड़िया 
28. सवाई माधोपुर- बाघ 
29. श्रीगंगानगर- चिंकारा 
30. सीकर- शाहीन 
31. सिरोही- जंगली मुर्गी 
32. टोंक- हंस
33. उदयपुर- कब्र बीजू

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