Rajasthan Government Medical College: राजस्थान चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी मेडिकल कॉलेज से पीजी की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए नया आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक ऐसे विद्यार्थियों को पीजी के बाद 2 साल प्रदेश में सरकारी सेवा देनी होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार काउंसलिंग के समय ही विद्यार्थियों को सर्विस बॉन्ड भरना होगा।

स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले से राज्य में लगभग डेढ़ हजार युवा डॉक्टर की बढ़ोतरी होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस आदेश के बाद से प्रदेश में चिकित्सकों की कमी से आ रही परेशानी को दूर किया जा सकेगा। ऐसे सभी विद्यार्थी चिकित्सक राजमेस,  ESIC मेडिकल कॉलेज अलवर और RUHS मेडिकल कॉलेज जैसी संस्थानों में सेवाएं देंगे। 
 
25 लाख रुपए का सर्विस बॉन्ड करना होगा साइन 

जारी आदेश के मुताबिक पीजी का कोर्स पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को 2 साल तक राजकीय सेवा के लिए 25 लाख रुपए का सर्विस बॉन्ड साइन करना होगा। हालांकि यह आदेश 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के बैच के विद्यार्थियों को छूट दी गई है, ऐसे युवाओं को 10 लाख रुपए का सर्विस बॉन्ड साइन करना होगा। इस बॉन्ड की अवधि 2 दो साल की होगी। 
 
पीजी व सुपर स्पेशियलिटी कोर्सेज के विद्यार्थियों के लिए जारी किया आदेश

राज्य के कैंडिडेट मेडिकल कॉलेज के खाली पदों के मुताबिक छात्र-छात्राएं अपनी प्रिफरेंस भर सकेगें। प्रदेश के राजकीय और राजमेस चिकित्सा यूनिवर्सिटी में स्नातकोत्तर यानी पिजी और सुपर स्पेशियलिटी कोर्स कर रहे विद्यार्थियों के लिए सर्विस बॉन्ड साइन करने का आदेश जारी किया गया है। 
 
बीच में छोड़ने पर देने होंगे 5 लाख रुपए 

आदेश के यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई अभ्यार्थी एक साल की सेवा के बाद अगले साल की सर्विस नहीं करना चाहता है तो उसे 5 लाख रुपए की राशि विभाग में जमा करानी होगी। राजकोष में राशि जमा करवाकर बॉन्ड से फ्री हो जाएगा।