Marigold Flower: राजस्थान के सिरोही जिले में एक ऐसे खास गेंदे के फूल की खेती की जाती है, जिसकी आमदनी कापी ज्यादा होती है। किसान सबसे अधिक गेंदे के फूलों की ही खेती करते हैं। जिले में ऐसे अनोखे गेंदे के फूल पाएं जाते है जो देखने में तो प्लास्टिक लगते है लेकिन इन फूलों की खेती से किसानों को अच्छा फायदा होता है। इन फूलों की खास बात यह है कि खूबसूरत दिखने के साथ साथ यह एक सप्ताह तक खराब नहीं होते है। 

हम बात कर रहे है सिरोही के बॉल गेंदा किस्म के फूलों  जो दिखने में बिलकुर प्लास्टिक के फूलों जैसे लगते है। इस प्रकार के फूलों की मार्केट में काफी डिमांड रहती है। सिरोही जिले के आमथला स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के तपोवन में पिछले 2 सालों से लगातार ऑर्गेनिक तरीके से इस फूल की खेती की जा रही है। 

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इस दैरान खिलते हैं फूल
फूलों की खेती करने वाले बीके शरत भाई ने जानकारी दी कि इसे गोभी के खेत में मिक्स फार्मिंग के तहत दो प्रकार के फूलों की खेती की जाती है। जिसमें गेरुआ रंग के गेंदा फूल और एक पीले रंग के गेंदा फूल पैदा किए जाते है। पीले रंग के गेंदे के यह फूल टेनिस बॉल जैसे दिखाई देते है, जिसकी वजह से इन्हें बॉल गेंदा किस्म के फूलों  के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने आगे बताया कि इन फूलों की बुवाई जनवरी के माह में की जाती है और मार्च के महीने में इसकी उपज होनी शुरू हो जाती है। 

एक हफ्तो तक नहीं सूखता है फूल 
बीके शरत भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान में इस प्रकार के फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। इनकी खास बात यह है कि तुडाई के बाद भी एक हफ्ते तक ये फूल नहीं सूखते है। इसलिए इन्हें दूर की मंडियों में भी बेचा जाता है।