Rajasthan Bhajan Lal Government: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी को लेकर समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) पात्रता पर अपने ही फैसले को फिर से पलट दिया है, शुक्रवार 7 फरवरी को इसे पुनः 3 वर्ष की वैधता से घटाकर 1 वर्ष कर दिया है।
इससे लाखों युवाओं के अंदर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बता दें राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से सीनियर सैकण्डरी तथा स्नातक स्तर पर सीईटी परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिसकी वैधता को पिछले दिनों ही एक मंत्रिमंडल बैठक में 1 साल से बढ़ाकर 3 साल किया गया था।
लाखों छात्रों पर पड़ सकता है असर
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से सरकारी नौकरियों के लिए कई प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। जिसकी विभिन्न परीक्षाओं के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) पात्रता को ही रखा जाता है। विगत वर्ष भी चयन बोर्ड की ओर से सीनियर सैकण्डरी तथा स्नातक स्तर पर सीईटी परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिसमें कई लाख छात्रों परीक्षा में बैठे थे।
राजस्थान सरकार ने पात्रता वैधता को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर छात्रों को उपहार दिया था। अब पुनः पात्रता अवधि को घटाकर 1 वर्ष कर देने से उन छात्रों के अंदर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, कि क्या उनकी 3 वर्ष की वैधता पर भी असर पड़ेगी या फिर उनकी वैधता मान्य रहेगी।
बोर्ड ने किया स्पष्टीकरण जारी
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने छात्रों की इस चिंता पर स्पष्टीकरण जारी किया है। सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर के सवाल पर बोर्ड अध्यक्ष ने जवाब पोस्ट करते हुए लिखा कि...
"जितना मुझे नोटिफिकेशन से समझ आया जो सीईटी के एग्जाम आप सबने दिए थे, उनकी वैलिडिटी तीन साल की होगी। अब से जो परीक्षाएं हम करवाएंगे, उनके स्कोर की वैलिडिटी एक साल की होगी। इसमें लीगल इश्यू है इसलिए 3 साल वाला रूल अभी की सीईटी पर लागू नहीं कर सकते।”
ये भी पढ़ें- खनन माफिया पर कसेगा शिकंजा: राजस्थान सरकार ने निकाला ये खास उपाय, जारी किए दिशा-निर्देश