Trader Protest Against Sealing in Jaipur Parkota: राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा जयपुर परकोटे में 19 अवैध व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सील करने के आदेश के बाद व्यापारी जयपुर नगर निगम के आमने सामने आ गए हैं। बुधवार 2 अप्रैल 2025 को इस आदेश के विरोध में प्रदर्शन कर व्यापारियों ने एक रैली निकाली। व्यापारियों का कहना है कि जयपुर नगर निगम की ओर से उच्च न्यायालय को सही जानकारी दी जाए। साथ ही राजस्थान सरकार के द्वारा कैबिनेट में मामले को लेकर एक उपसमिति का गठन किया जाए।

जानें पूरा मामला

बता दें जयपुर परकोटे में अवैध निर्माण एवं व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट के द्वारा संज्ञान लिया था। इसी मामले में जयपुर नगर निगम के द्वारा परकोटे के भवनों को लेकर 3 प्रकार की सूची तैयार की गई थीं। इनकी पहली सूची में उन 19 भवनों को शामिल किया था, जो पूरी तरह अवैध हैं। जिसके बाद ही हाईकोर्ट के जस्टिस इंद्रजीत सिंह तथा जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ के द्वारा विगत 25 फरवरी 2025 को उपरोक्त 19 भवनों को सील करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। वहीं 7 मार्च 2025 को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने मामले में अंतरिम राहत देते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन 10 मार्च 2025 को ही यथास्थिति के आदेश को रद्द कर दिया। जिसके बाद से ही परकोटा क्षेत्र में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर संकट आ गया है। हाईकोर्ट के आदेश को व्यापारी एक गंभीर शुरुआत मान रहे हैं।

व्यापारियों ने जताई साजिश की आशंका

जयपुर व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष सुरेंद्र बज तथा परकोटा विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुनील बक्शी, उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता पवन कानूनगो, मंत्री मनोज गोयल का मानना है कि इन 19 परिसरों को आधार बनाकर पूरे जयपुर परकोटे की व्यावसायिक गतिविधियों को खत्म करने का षडयंत्र रचा जा रहा है। गोयल ने बताया कि व्यावसायिक परिसर निजी स्वामित्व वाली भूमि पर निर्मित है। एक भी परिसर सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर नहीं है। परकोटे का ऐतिहासिक महत्व है, जहां रियासत काल से ही यह व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। यही नहीं आज भी यह पारंपरिक रूप से विश्वस्तरीय व्यापार संचालित कर रहा है।

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