Rajasthan Flights: नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से हवाई अड्डे, हेलीपोर्ट, हवाई पट्टियों और हेलीपैड पर सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए राजस्थान नागरिक उड्डयन नीति 2024 जारी की गई है। इसके तहत पहले चरण में बाड़मेर के उत्तरलाई व उदयपुर हवाई अड्डे पर सुविधाओं को विस्तार देने का कार्य किया जाएगा।
उड़ान प्रशिक्षण संगठन की जाएगी स्थापना
बता दें कि रात्रि उड़ानों को योग्य बनाने के लिए सवाई माधोपुर के चकचैनपुरा, नागौर, भीलवाड़ा के हमीरगढ़, आबूरोड व श्रीगंगानगर की लालगढ़ जाटान हवाई पट्टियों का विकास किया जाएगा। इसके लिए झालावाड़ में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की भी स्थापना की जाएगी।
बनाया जाएगा कार्गो कॉम्प्लेक्स
प्रदेश के मुख्य हवाई अड्डों पर शहर की ओर विकास कार्य किए जाएंगे। इसके तहत पहले चरण में जयपुर हवाई अड्डे पर कार्य होंगे। इसके बाद यहां कार्गो कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण किया जाएगा। साथ व्यवसाय और पर्यटन के प्रमुख केन्द्रों पर बी नवीन हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की मदद से कोटा में भी नवीन हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा।
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इस योजना के तहत किया जाएगा निर्माण
जानकारी के लिए बता दें कि यह निर्माण कार्य केंद्र सरकार की साल 2016 की आम नागरिकों को हवाई सेवा की सुविधा देने व देश के छोटे शहरों में हवाई सेवाएं शुरू करने के उद्देश्य से उड़ान योजना की शुरुआत की गई थी। इसका मुख्य ध्येय उड़े देश का आम नागरिक है। इस योजना के तहत चुनिंदा रूट पर पहले कम से कम 200 व अधिकतम 500 किलोमीटर की हवाई सफर पर फ्लाइटों में उपलब्ध इकोनॉमिक्स क्लास की कुल सीटों में से आधी सीटें 50 किराए में बुक होती है। इन सीटों पर आम नागरिकों को सफर करने का मौका दिया जाता है।
मान लीजिए जोधपुर से दिल्ली जाने के लिए प्लेन का किराया 5 से 6 हजार रुपए है। उड़ान योजना के तहत प्लेन में सीटों का किराया 2500 से 3000 के बीच होता है। यानी उन लोगों को आधे किराए में सफर करने का मौका दिया जाएगा। बचे हुए आधे किराए का भुगतान केंद्र सरकार की ओर से वायबिलिटी गैपिंग फंड के रूप में किया जाता है।