Rajasthan Health Department: सर्दी बीतने के बाद राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है। राज्य के अलग-अलग जिलों में कभी हीटवेवज़ तो कभी बूंदाबांदी को लेकर अलर्ट घोषित किया जा रहा है। मानसून की आमद भी होने वाली है। उस दौरान सर्दी-बुखार समेत तमाम बीमारियां प्रसारित होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में राजस्थान की भजनलाल सरकार मानसून से पहले ही मौसमी बीमारियों को लेकर अलर्ट हो चुकी है। राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए चिकित्सा मंत्री ने आज अधिकारियों को अहम निर्देश जारी किए हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अभी से तैयारी में जुट जाएं।

राजस्थान में मौसमी बीमारियों को लेकर अलर्ट

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने आज स्वास्थ्य विभाग की अहम बैठक की। मानसून से पहले हुई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में चिकित्सा मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। चिकित्सा मंत्री की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी अभी से मानसून के दौरान होने वाली मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारी में जुट जाएं। सभी संवेदनशील इलाकों में निरीक्षण का दौर जारी रहे। इसके अलावा मौसमी बीमारियों की जांच एवं उनके उपचार के लिए माकूल प्रबंध किया जाए। राजस्थान सरकार की कोशिश है कि राज्य में मौसमी बीमारियों का प्रसार कैसे भी रोका जाए। इसके लिए सरकार अभी से मोर्चा संभालने में जुट गई है।

मौसमी बीमारियों के प्रसार पर लगेगा विराम

राजस्थान सरकार के कदम से मौसमी बीमारियों के प्रसार पर विराम लग सकेगा। यदि चिकित्सा विभाग जांच व उपचार के माकूल प्रबंध करेगा, तो बीमारियां पांव नहीं पसारेंगी। वैसे पहले देखा जा चुका है कि कैसे जयपुर, जैसलमेर, उदयपुर, बारां, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, गंगापुर सिटी समेत अन्य कई जिलों में मौसम में बीमारियां कहर बरपा चुकी हैं। यही वजह है कि सरकार इसको लेकर पहले ही अलर्ट हो चुकी है और अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर इस पर काम करने के आदेश दिए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि सरकार के इस कदम से मौसमी बीमारियों के प्रसार पर पूर्णता विराम लगेगा।

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