Ayurveda University: जोधपुर में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने एक शानदार पहल करते हुए पंचगव्य चिकित्सा में देश का पहला पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा शुरू करने की घोषणा की है।  इस 2 वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम को पारंपरिक पंचगव्य प्रथाओं को मॉडर्न साइंटिफिक और मेडिकल मैथर्ड के साथ एकीकृत करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पहला आयुर्वैदिक अनुसंधान और उपचार में नए मार्ग खोलेगी।

पाठ्यक्रम अवलोकन और संरचना 

यह डिप्लोमा पाठ्यक्रम 2 वर्ष का होगा और साथ ही 30 सीटों पर स्नातक छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इस व्यापक पाठ्यक्रम का उद्देश्य पंचगव्य चिकित्सा के लिए एक वैज्ञानिक आधार प्रदान करना है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थियों को पंचगव्य चिकित्सा की अलग-अलग क्षेत्र में रोजगार और शोध के अवसर देखने को मिलेंगे। 
शनिवार को संजीवनी आयुर्वेद अस्पताल के डीन प्रोफेसर गोविंद प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में एक समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान पाठ्यक्रम की रूपरेखा, सामग्री, प्रशिक्षण विधियों, परीक्षा प्रणाली और प्रमाणन प्रक्रिया पर चर्चा की गई।

एकेडमीशियन्स और विशेषज्ञों का सम्मानित पैनल 

डॉ राजाराम अमरला, परीक्षा नियंत्रक 
डॉ मनोज कुमार अटलखा, उप रजिस्ट्रार 
डॉ चंद्रभान शर्मा, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस के प्रिंसिपल 

राकेश निहाल, लक्ष्य पर्यावरण और लोक कल्याण संगठन के सचिव

पंचगव्य चिकित्सा को बढ़ावा 

इस डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत पंचगव्य चिकित्सा के लिए एक वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी। इसके बाद पंचगव्य की चिकित्सीय क्षमता को प्रमाणित करने और बढ़ाने की कई ज्यादा उम्मीद है।

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