Bayana Fort Bharatpur Rajasthan:  राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित बयाना का किला अपनी अद्भूत और अनोखी बनावट के कारण दुनिया भर में प्रसिध्द है। ऊंची पहाड़ी में बने इस किले के चारों ओर दीवार हैं जो गढ़ीदार बुर्ज से बनी हैं। इसकी भव्यता को देखने दूर - दूर से लोग आते हैं। आइए इस आर्टिकल में इस भव्य किले के बारे में जानते हैं।

किले के अंदर बनी है शिव मंदिर
सदियों पहले बना ये किला का इतिहास अनेको राजाओं के शासनकाल से जुड़ा है। अपनी - अपनी सहूलियत के अनुसार मुगलों से लेकर राजपुतों तक सबने इसका उपयोग किया। इसकी दीवारों में अनेक गाथाएं जो कि वीरता, पराक्रम और संघर्ष की कहानियां कहती हैं। किले के अंदर एक प्राचीन शिव मंदिर है जो कि आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। यहां अनेक वाले प्रयर्टक इस मंदिर में जाकर पूजा - पाठ करते हैं। इसके साथ ही यहां की भूतिया बावड़ी को रहस्यों से भरा स्थान माना जाता है।

आक्रामण से बचने के लिए हुआ था किले का निर्माण
कहा जाता है कि मुगल शासक गजनी के समय उसके आक्रमणों से जान और माल की सुरक्षा देने के लिए महाराजा विजयपाल ने मथुरा के मैदान पर बनी अपनी राजधानी छोड़कर पूर्वी राजस्थान की मानी नामक पहाड़ी पर बयाना का दुर्ग बनवाया था। इस किले का निर्माण विजयपाल ने 1040 ई में कराया था।

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360 रानियों ने किया था जौहर
इस किले में 1000 साल पहले 360 रानियों ने दासियों के साथ अग्नि जोहार किया। इसे देश का पहला जौहर माना जाता है। एक बार बयाना के किले को अबूबकर कंधारी ने चारों ओर से घेर लिया था। सैनिकों के बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। तब बयाना के राजा विजयपाल ने शाका करने का निश्चय किया। राजा ने युद्ध वीरता के साथ लड़ा और अंत में राजा की ही विजय हुई। लेकिन खुशी में सैनिकों ने दुश्मनों के झंडों को ही उठाकर किले के ओर दौड़ पड़े जिसे देखकर रानी को लगा राजा हार गए और तब 360 रानियों ने जौहर कर लिया। कुछ इतिहासकारों का कहना है कि जब राजा को रानी के अग्निकुंड में कूदने की बात पता लगी, तो राजा को बेहद वेदना हुई, राजा कहने लगा मेरा तो जीतकर भी सब कुछ लुट गया, अब जीना बेकार है। राजा ने तलवार निकाली और अपना सिर धड़ से अलग कर दिया।