Kamaban Mystery: राजस्थान के भरतपुर में स्थित कामना जिसे स्थानीय लोग कंबन के नाम से जानते हैं प्राचीन इतिहास का एक अनमोल खजाना है। यह ब्रज से लगा हुआ है जहां पर भगवान श्री कृष्ण ने अपने शुरुआती वर्ष बिताए थे। यह पुराना शहर अब तीर्थ स्थल बन चुका है। यहां हर साल भादवा के महीने में बन यात्रा के दौरान वैष्णवों की भीड़ उमड़ती है। आईए जानते हैं क्या है यहां का रहस्य। 

84 खंभों का रहस्य 

कामना के आकर्षण के केंद्र में 84 खंभों का एक आकर्षक खंडहर है जिसे चील महल कहा जाता है। यहां के हर खंभों पर अद्वितीय चित्र और जटिल नक्काशी की गई है। कहां जाता है कि कोई भी इन खंभों को गिनने में सफल नहीं हुआ। जब भी गिनती करी जाती है संख्या रहस्य में तरीके से बदल जाती है। यहां पर मौसम के मौसम के दौरान परिक्रमा मेला लगता है।

 इस महल में किसी भी देवी देवता की कोई मूर्ति नहीं है। हालांकि एक पौराणिक तालाब है जिसका उल्लेख महाभारत में भी किया गया है। स्थानीय लोक कथाओं के अनुसार यह वही तालाब है जहां यक्ष ने एक बार युधिष्ठिर की परीक्षा ली थी।

एक सांस्कृतिक संगम 

कामवन क्षेत्र का एक हिस्सा ब्रज भूमि से सटा हुआ है। भादों के महीने में गुरु पूर्णिमा के दौरान गिरिराज महाराज के भक्त गोवर्धन यूपी जाते हैं। इतिहास और  पौराणिक कथाओं में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को यह जाए काफी पसंद आएगी। अगर आप राजस्थान जाते हैं तो इस जगह एक बार अवश्य जाएं। यह रहस्यमई इमारत राजस्थान की शोभा और इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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