Swine Flue: राजस्थान में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसमें इन्फ्लूएंजा बी और एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। इन बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलर्ट जारी किया गया है। डॉक्टर्स का कहना है कि मौसम बदलते ही कई मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में अब तक एक हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में इसके लक्षण और बचाव जानना बेहद जरूरी हैं। बता दें कि स्वाइन फ्लू वायरस की तरह फैलता है। मरीजों की खांसने, छींकने या बोलने से निकलने वाले थूंक से ये तेजी से फैलता है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
फ्लू का सामान्य लक्षण बुखार है। इसके अलावा गले में जलन, खांसी, खराश मांसपेशियों में दर्द, थकान और सांस लेने में कठिनाई इसके मुख्य लक्षण हैं। ऐसे में इन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
स्वाइन फ्लू से बचाव
- स्वाइन फ्लू से बचाव करना बेहद जरूरी है। संक्रमण से बचाव करने के लिए बार-बार हाथ धोने चाहिए।
- अधिकतर समय मास्क पहनकर रहना चाहिए (खासकर घर से निकलते समय)।
- समय पर हेल्दी डाइट लेनी चाहिए, इससे आपके शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है।
- संक्रमित व्यक्तियों से उचित दूरी बनाकर रखें।
- इसके अलावा फ्लू की वैक्सीन लगवानी चाहिए। 6 महीने से ऊपर के लोगों को फ्लू का टीका जरूर लगवाना चाहिए।
कब और क्यों लगवाएं वैक्सीन
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है। इससे गंभीर संक्रमण होने से बचता है। इसे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, गर्भवती सभी लोग लगवा सकते हैं। बता दें कि सिंतबर और अक्टूबर के महीने में वैक्सीन लगवाना बेहद फायदेमंद हो सकता है।
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