Rajasthan Farmer Subsidy: सरसों तेल की फसल करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। कृषि विभाग की ओर से देशभर में तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने व ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए प्रसंस्करण इकाई लगाने पर अनुदान दिया जाएगा। 
 
लगातार बढ़ती जा रही खाद्य तेल की कीमतों को स्थिर करने के साथ-साथ उपभोक्ता को अच्छी गुणवत्ता का खाद्य तेल उपलब्ध करवाने के लिए अब भारत सरकार की ओर से किसानों को छोटी ऑयल मिल स्थापित करने में मदद करेगी। इससे न केवल किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा बल्कि खेत का उत्पादन भी बढ़ेगा। इससे किसानों के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए भी रोजगार के नए अवसर मिलेगें। वहीं किसानों उनकी फसल का अच्छा मिल सकेगा। 
 
विभाग के जिला अधिकारियों को दिए गए निर्देश 

इस संबंध में कृषि आयुक्तालय द्वारा विभाग के जिला अधिकारियों को सरकार की इस योजना की क्रियान्विति के निर्देश दिए गए है। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल सीड योजना के  तहत पहले किसानों से तिलहन प्रसंस्करण इकाई के लगाने के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। इसके बाद फाइनल सूची तैयार की जाएंगी। 
 
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से एक किसान को 10 टन प्रोसेसिंग क्षमता की प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए 9.90 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद दी जाएगा। यानी कुल लागत की 33 प्रतिशत सहायता राशि मिलेगी। बाकी पैसा किसान को खुद वहन करना होगा। 

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किसानों और व्यापारियों को होगा लाभ 

गौरतलब है कि स्थानीय बाजारों में तिलहन फसलों की प्रोसेसिंग और प्रसंस्करण इकाई न होने के कारण अधिकतर व्यापारी दूसरी जगहों से खाद्य तेल मंगवाकर बिक्री करते है। इससे तेल में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। तेल की पुरानी पैकिंग होती है। साथ ही परिवहन लागत बढ़ने से व्यापारियों पर भार भी पड़ता है। 
 
अब लोकल मार्केटों में ऑयल मिल होने से तेल के दामों में कमी आएगी। वहीं इकाई स्थापित करने से किसानों को भी अच्छा दाम मिल सकेगा। व्यापारियों को कम लागत में अच्छी गुणवत्ता का तेल मिल जाएगा।