Rajasthan Haunted Village: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से लगभग 70 किलोमीटर बड़ी के पास स्थित देवदा गांव में लोग दहशत में है। यहां लगातार लोग अपना घर खाली कर कहीं और बसने जा रहे हैं। कई लोगों ने अपने घर खाली कर खेतों में रहना शुरू कर दिया है। गांव वालों का मानना है कि इस गांव में एक निगेटिव एनर्जी है।
बड़े बुजुर्गों के कहने पर लोगों ने इस गांव को 3 दिन के लिए पूरी तरह से खाली कर दिया है। वहीं हवन और पूजा-पाठ के बाद ही लोग यहां वापस अपने घरों में आएगें। 27 से 29 मार्च से लोगों ने गांव को खाली करना शुरू कर दिया है। रविवार से ग्रामीण वापस यहां लौट रहे है।
मकान बनाते समय निकलती है हड्डियां
बता दें कि इस गांव में चार विभिन्न समाजों (सुथार, ओड, रावत और चारण) के कुल 150 परिवार रहते है। ग्रामीण राजकुमार ने जानकारी दी कि हम अंधविश्वासी नहीं हैं, लेकिन मकान बनाने के लिए नींव खोदते समय जमीन से हड्डियां, कंकाल और कोयला पाया जाता है। जिसके कारण यहां के लोग दहशत में है।
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तीन दिन के खाली किया गया गांव
गांव के बड़े-बुजुर्गों की सलाह पर गांव में हनुमानजी के मंदिर का निर्माण किया गया था। उसके बाद पूजा-पाठ के लिए गांव को 3 दिनों के लिए खाली किया गया था। साथ ही बूरे साया से बचने के लिए नवरात्रि के पहले दिन यहां भागवत भी आयोजित कराई गई थी। इसके बाद गांव में लोगों का प्रवेश किया गया है।
गांव की गलत लोकेशन
गांव के सरपंच राजकुमार ने बताया कि इस जगह को लेकर एक धारणा यह है कि गांव में जो नदी के प्रवाह का स्थान है, उसके आगे एक मुक्तिधाम स्थित है। साथ ही कुछ दूरी पर भैरूजी का मंदिर भी बना हुआ है। मंदिर का निर्माण उस क्षेत्र में हुआ था, लेकिन नदी के प्रवाह का इलाका होने की वजह से लोगों ने वहां अपना ठिकाना नहीं बनाया। इसी मंदिर के पास एक टीला हुआ करता था। ग्रामीणों ने इसी टीले के पास अपने घर बनाने शुरू कर दिए। माना जाता है कि गांव की लोकेशन गलत जगह पर है। लगभग 30 से 35 साल पहले इस गांव को खाली करने की बात की गई थी।