Tiger Reserve: बाघों की सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व रामगढ़ अभ्यारण्य में विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त 200 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिनके जरिए इन बाघों के टेरिटोरियल मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। इन कैमरों में कैद हुए डेटा का विश्लेषण किया जाएगा।

इन कैमरों के लगने के बाद पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। क्योंकि हाल ही में बूंदी के चौथे टाइगर रिजर्व रामगढ़ अभ्यारण्य में बाघों की लड़ाई की घटना ने पर्यटकों में कौतुहल का माहौल बना दिया था। ऐसे में कैमरे आदि आधुनिक तकनीक की व्यवस्था में बदलाव की खबर पर्यटकों को आकर्षित करेगी। 

दो बाघों के बीच भीड़त से मचा कोहराम

आपको बता दें कि बूंदी के चौथे टाइगर रिजर्व रामगढ़ अभ्यारण्य में दो बाघों के बीच हुई खूनी लड़ाई में एक बाघ की मौत हो गई है। वहीं दूसरे बाघ आरवीटी-1 के घायल होने की खबर ने पर्यटकों को चौंका दिया है। इस लड़ाई में बाघ आरवीटी-1 के शरीर पर कई चोट के निशान भी मिले हैं। हालांकि इस बाघ पर रेडियो कॉलर नहीं होने से वन विभाग के अधिकारियों व कार्मिकों के लिए इसे ढूंढ पाना चुनौती बना हुआ है।

ऐसे में वन विभाग ने घायल बाघ के टेरिटोरियल मूवमेंट को कैद करने के लिए रेंज में अतिरिक्त कैमरों की संख्या बढ़ा दी है। ताकि आरवीटी-1 के बारे में कोई सुराग जुटाया जा सके। बहरहाल बूंदी रामगढ़ अभ्यारण्य में कैमरों की संख्या बढ़ने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इस पहल से विभिन्न खतरों से निपटने में मदद मिलेगी और इस महत्वपूर्ण स्थल का संरक्षण हो सकेगा।

बूंदी रामगढ़ अभयारण्य में बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या 

आपको बता दें कि बूंदी रामगढ़ अभयारण्य में बाघ और अन्य जानवर रहते हैं। यहां हिरण, सियार, भालू, कई प्रजातियों के कुत्ते, सांभर, मगरमच्छ समेत 500 तरह के जानवर रहते हैं। ऐसे में यह अभयारण्य पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह रहा है। यहां सालभर देश-विदेश से पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है।

यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर देश-दुनिया की नजर रहती है। इसलिए कैमरे आदि उपकरणों में बढ़ोतरी से वन क्षेत्र को देश-दुनिया में सुरक्षित अभयारण्य का दर्जा मिलता है। जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक भ्रमण के लिए आएंगे। लिहाजा बुनियादी ढांचे और पर्यटन सेवाओं में बढ़ोतरी आदि से पर्यटकों के वन्यजीव अनुभव से संतुष्ट होने की संभावना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। 

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