Guinness World Record: राजस्थान के बीकानेर के देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर में 16000 किलो के प्रसाद का भोग लगाया गया है। माता के मंदिर में चढ़ाया गया यह भोग ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। इस प्रसाद को बनाने में 500 कार्यकर्ता जुटे हुए थे। वहीं प्रसाद में हर वह विशेष व्यंजन डाला गया जो कि उसे खास तौर पर स्वादिष्ट और माता की भोग योग्य बनाता है। भोग तैयार होने के बाद गुरुवार सुबह 9:15 बजे मां करणी को महाप्रसाद का भोग लगाया गया। इसके बाद करीब 1 लाख लोगों में वितरित किया गया। माता को चढ़ाया हुआ यह भोग दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा प्रसाद चढ़ावा माना गया है। कई खूबियों को देखने के बाद इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेट भी दिया गया है।

सावन-भादो महाप्रसाद का किया गया था आयोजन 

करणी माता मंदिर में सावन भादो महाप्रसाद का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के आयोजक शंकर कुलरिया और धर्म कुलरिया है। इन्होंने बताया कि मूलवास सीलवा गांव के ब्रह्मलीन गौसेवी संत पदमाराम कुलरिया एवं उनके परिवार द्वारा महाप्रसाद का आयोजन किया गया है। वह यह भी बताते हैं कि लगभग छह वर्ष पूर्व ब्रह्मलीन गौसेवी संत पदमाराम जी कुलरिया को मां करणी माता का कृपा आदेश प्राप्त हुआ था। आज उनकी भक्ति का प्रतिफल सावन-भादो महाप्रसाद के दिव्य आयोजन के रूप में साकार हो रहा है।

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कैसे बना महा प्रसाद का वर्ल्ड रिकॉर्ड?

मंदिर ट्रस्ट की ओर से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया गया था। इस आवेदन के बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक प्रतिनिधि ने मंदिर का दौरा किया। उन्होंने प्रसाद बनाने के प्रक्रिया से लेकर सभी मानकों की जांच की। जिसके बाद इस प्रसाद को वर्ल्ड रिकॉर्ड घोषित किया गया।

करणी माता मंदिर चूहों वाली माता के नाम से भी जानी जाती हैं

करणी माता मंदिर को चूहे वाले मंदिर के नाम से भी लोग जानते हैं। इस मंदिर में तकरीबन 25000 चूहे हैं। जिसे काबा कहा जाता है। इन चूहों को यानी कि काबा को माता की संतान माना जाता है। यहां पर कुछ काले और कुछ सफेद चूहा हैं, जिन्हें बेहद पवित्र माना जाता है।