Shiv Temple: राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना की अरावली पर्वत श्रृंखला पर भगवान शिव का प्राचीन मंदिर स्थित है। यह चमत्कारी मंदिर ना केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि इसका ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व भी है। पौराणिक कथा के अनुसार माना जाता है भगवान शिव के परम भक्त असुर सम्राट बाणासुर ने इसी मंदिर में घोट तपस्या कर भगवान को प्रसन्न किया था। कठोर तपस्य से खुश होकर भगवान शिव मं उन्हें इसी स्थान पर विजय होने का वरदान दिया था। 

मांगी हुई हर मनोकामना होती है पूरी 
इस प्राचीन मंदिर में कई सालों से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। माना जाता है कि इस मंदिर में भगवान के दर्शन मात्र से ही हर मनोकामना पूरी होती है। खासकर शिवरात्री और सावन के महीने के दौरान इस मंदिर में भक्तों का जमावाड़ा लगता है। हर-हर महादेव के जयकारे से पूरा शहर गूंजता है। साथ ही पहाड़ी की ऊंचाई पर स्थित होने से यहां से पूरा इलाके का सुंदर दृश्य दिखाई पड़ता है। 

पहाड़ी के शिखर पर बना हुआ है यह मंदिर 
घने जंगलों व पहाड़ियों के बीच बना यह मंदिर अरावली पर्वत श्रृंखला के शिखर पर स्थित है। इस मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को चुनौतीपूर्ण रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन रास्ते में दिखने वाले प्राकृतिक सौंदर्य और शुद्ध हवा भक्तों के मन को शांति देता है। 

मंदिर से जुड़ी है चमत्कारी मान्यताएँ
यहां के स्थानीय निवासी धनश्याम ने बताया कि यह मंदिर ना केवल शिवभक्तों के लिए ही नहीं बल्कि इतिहास और प्रकृति से जुड़े लोगों के लिए भी यह जगह महत्वपूर्ण है। इस शिव मंदिर से जुड़ी कई चमत्कारी मान्यताएं प्रचलित हैं। माना जाता है भोलेनाथ यहां स्वयं अपनी कृपा दृष्टि भक्तों पर डालते है और उनके सारे दुख हर लेते है। यहां पहुंचकर भक्त भगवान के दर्शन भी करते है और यहां के अरावली की सुंदरता का आनंद भी लेते है।

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