Pilot project: राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गो पर जानवरों के सामने आ जाने पर होने वाले हादसों पर लगाम लगाने की कोशिश की है। जिसमें NHAI के पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस समस्या को सुलझाने के लिए एक पहल शुरू की गई है। इस पहल के अंतर्गत बेबस पशुओं के लिए आशय ग्रह या केटल होम बनाए जाएंगे। जहां पर नेशनल हाइवे के आसपास घूमने वाले पशुओं को रखा जाएगा। जिससे हाइवे पर जानवरों या पशुओं के कारण जो हादसे होते हैं, उन्हें कम किया जा सकता है। 

लोगों का सफर भी अच्छा होगा

इस पहल से न केवल पशुओं की सुरक्षा होगी बल्कि हाइवे पर आने जाने लोगों का आवागमन भी आसान हो जाएगा। इस योजना के अंतर्गत आशय स्थलों का निर्माण का क्षेत्र 0.19 से लेकर 2.29 हैक्टेयर तक का होगा। 

 प्रोजेक्ट में क्या क्या है

पायलट प्रोजेक्ट में NH 334B के उत्तरप्रदेश और हरियाणा की सीमा से रोहना खंड को भी शामिल किया गया है। जहां पर खरदौला बाईपास के साथ इसका निर्माण किया जाएगा। इसी के साथ NH 148B के भिवानी और हांसी खंड पर हांसी बाईपास का निर्माण, NH 21 के कीरतपुर और नेरचौक खंड तथा NH 112 पर जोधपुर रिंग रोड के डांगियावास से जाजीवाल खंड पर भी पशुओं के लिए आशय ग्रह बनाए जाएंगे। 

कितनी कारगर होगी यह योजना

इस योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्गो पर बेसहारा पशुओं के आ जाने से जो हादसे होते हैं, उन हादसों को  काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे यात्री भी सुरक्षित अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच सकेंगे और लोगों की यात्रा ओर सुगम हो जायगी। साथ ही इस योजना से पशुओं की सुरक्षा भी की जा सकेगी।

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