Rajasthan Pata Culture: आज के समय में देखे तो राजस्थान के कई बड़े शहरें में लोगों रात भर जगते है, जो केवल रात को पार्टी करने या फिर घूमने के लिए ही जगते हैं। जो कि एक सामान्य बात है, लेकिन क्या आपने सुना है कि एक ऐसी जगह जहां न कोई पार्टी और न घूमने के लिए लिए जगते है बल्कि वे देश-विदेश की चर्चाएं करने के लिए चौक-चौराहों जमघट लगाकर आपस में बाते करते हैं।
पूरी रात करते है देश-विदेश की चर्चा
राजस्थान का एक ऐसा शहर जहां लोग पूरे दिन काम करने के बाद भी कई लोग पूरी रात नही सोते है, बल्कि मंडली बिठाकर वार्तालाप करते हैं। आपको ये सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन ये सच है कि राजस्थान के बीकानेर में एक ऐसा गांव है। जहां बीकानेर के लोगों द्वारा दिन में काम करने के बावजुद भी वो रात को चौक-चौपाटी पर बैठकर देश की राजनीति और मजेदार किस्सों पर बातें करते है, जो कि किसी भी बाहर से आए व्यक्ति को चौका देगा।
धर्मनगरी से प्रसिद्ध
राजस्थान का बीकानेर शहर जहां लोग चौक, आंगन या चौराहों पर बैठकर अपने धर्म-कर्म, समाज और राजनीतिक विषयों पर चर्चा करते है, जिस वजह से बीकानेर को धर्मनगरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चौक-चौराहे बनाए गए, जो कि सुबह के समय एकदम खाली रहती है, लेकिन रात होते- होते वहां लोगों का जमघट लग जाता है। इस जगह अक्सर लोग रात को8 बजे के बाद ही समूह में दिखाई देते है, जो की 3-4 बजे तक बातचीत करते रहते हैं।
सालों पुरानी पाटा संस्कृति
बीकानेर में रात को देर तक चर्चा करते रहने के पीछे पाटे की संस्कृति है, जो की इस गांव में कई सालों से चलती आ रही पाटा संस्कृति करीब 100 से 200 साल पुरानी है। इस जगह लोग टेबल, कुर्सी या आज के बैठने के साधनों के बजाय पाटा पर बैठकर बाते करना पंसद करते हैं। जिसे बीकानेर के स्थानिय लोगों द्वारा पाटा संस्कृति के रूप में जानते हैं।
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