Rajasthan Dapa Pratha: राजस्थान दहेज के मामले में चौथे नंबर पर आता है, इसका मुख्य कारण यहां की कुछ ऐसी परंपराएं जिसकी वजह से दो हजार से ज्यादा लड़कियों को दहेज के नाम पर जिंदा जला दिया गया है। इन परंपराओं के रीति रिवाजो की वजह से दहेज की परंपरा को बढ़ावा मिला है।
राजस्थान की दापा परंपरा
राजस्थान के बासवाड़ा समाज में शादी के समय लड़की के पिता दवारा लड़के वालो को दहेज दिया जाता है, जिसको लेकर कई विवाद देखने को मिल रहे है। लेकिन राजस्थान के एक आदिवासी समाज की एक ऐसी प्रथा जिसमें लड़के को शादी में टैक्स देना पड़ता है। इस परंपरा को वहां के लोगों के द्वारा दापा प्रथा नाम से निभाई जाती है।
लड़के वाले चुकाते है टैक्स
राजस्थान में जहां एक तरफ दहेज के नाम पर लड़कियों को प्रताड़ित किया जाता है वही आदिवासी समाज की दापा प्रथा जिसकी सबसे बड़ी बात ये है कि इस परंपरा में लड़की वालो द्वारा दहेज नही दिया जाता है, बल्कि लड़के द्वारा लड़की के परिवार वालो को शादी से पहले टैक्स दिया जाता है।
दापा प्रथा का उद्देश्य
इस परंपरा को आदिवासी समुदाय द्वारा निभाया जाता है, जिसमें इस परंपरा को निभाए जाने के पीछे कारण लैंगिक समानता और सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा देना है। ये परंपरा दहेज परंपरा से बिल्कुल विपरीत है, जिसका उद्देश्य दहेज प्रथा के विपरीत और समाज को नई दिशा प्रदान करना हैं।
दापा प्रथा के टैक्स
कबीला टैक्स: समुदाय की एकता और सहयोग बनाए रखने के लिए दुल्हे से टैक्स लिया जाता है
परिवार टैक्स: इस परंपरा में दुल्हन के परिवार को पारंपरिक धनराशि के रूप में टैक्स दिया जाता है।
गांव में प्रवेश टैक्स: शादी से पहले जब दूल्हा पहली बार दुल्हन के गांव में प्रवेश करता है, तो उसे इस टैक्स का भुगतान किया जाता हैं।
गमेती शुल्क: इस परंपरा में समुदाय के मुखियाओं को भी यह टैक्स चुकाना पड़ता है।
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