Rajasthan Tradition: राजस्थान में भिन्न- भिन्न तरह की प्रथाएं है, जिसमें कई ऐसी प्रथाएं जो राजस्थान की धरोवर है तो कई ऐसी प्रथाएं जो बहुत अनोखी है। इन प्रथाओं को अक्सर राजस्थान के ग्रामीण लोगों के द्वारा निभाया जाता है।
पति नही बल्कि पत्नी देती है राशि
आपने तलाक की राशि के बारे में सुना होगा, जिसमें पति अपनी पत्नी को तलाक होने पर कुछ राशि का भुगतान करती है लेकिन राजस्थान के गुर्जर समाज में एक ऐसी प्रथा, जिनके द्वारा लम्बे समय से निभाते हुए आ रही है और गुर्जर समाज में काफी प्रचलन में है।
इस प्रथा के मुताबिक जब भी कभी कोई पत्नी अपने पति से झगड़ा करके या उसे छोड़कर किसी दूसरे पुरूष के साथ रहती है, तो उस महिला को अपने पति को छोड़े जाने के बदले पैसे देने होगें।
पंचायत करती है फैसला
राजस्थान की इस प्रथा में दोनों पार्टनर के बीच झगड़ा होने पर गांव की पंचायत द्वारा आपसी सहमति से राशि तय करके मामले की निपटारा किया जाता है। इस प्रथा में दिए जाने वाले रुपयों को झगड़ा छूटना कहते हैं। इसमें रुपये उस पक्षों को दिए जाते है। जिसकी पत्नी अपने पति को छोड़कर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रहने के लिए मान गई, तो पंचायत फैसला करके पति को पत्नी की तरफ से राशि दिलवाती हैं।
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फैसले में पंचायत देती है इन बातों का ध्यान
इस प्रथा में पंचायत द्वारा फैसला लेने से पहले इन सारी बातों को सभी सामने रखा जाता है कि जिस पति-पत्नी का फैसला लेने वाले है उनके कितने बच्चे है, बच्चों का पालन-पोषण कौन व कैसे और इसके साथ ही पहले पति और पत्नी की रजामंदी कैसे होगी। इन सभी बातों को पूछे जाने के बाद ही पंचायत फैसला लेती हैं।
झगड़ा छूटना राशि
इस प्रथा में आपस में एक- दूसरे की सहमति लेकर पंचायत की राशि तय की जाती है और झगड़े का निर्णय निकाला जाता हैं। इसके बाद जो राशि फैसले के तहत दी जाती इसे इस प्रथा में झगड़ा छूटना कहते हैं।
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