Rajasthan Pali Tradition: राजस्थान एक राज्य है, बल्कि राजस्थानियों के अंदर भावनाओं उनकी संस्कृति का जीता जागता उदाहरण है। यहां की अनोखी परंपराएं ही राजस्थानियों के परिवेश को दर्शाती है। इन परंपराओं में कुछ ऐसी परंपराएं है, जिसको जानकर आप हैरान हो जाएगें।
पाली जिले की अनोखी परंपरा
पाली जिले के काणा गांव में एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है, जिसको इस गांव के स्थानिय लोगों द्वारा इस परंपरा को सांपा गेर कहा जाता हैं। इस परंपरा में विशेषतौर पर पुरुषों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें नए पिता बनने के पर इस परंपरा को होली के कई दिनों के बाद निभाया जाता हैं। जिसमें पुरूषों को गीली लकड़ी से महिलाओं के द्वारा पिटा जाता हैं।
सांपा गेर परंपरा
राजस्थान में सालों से ये सांपा गेर परंपरा तलती हुई आ रही हैं, जिसको होलिका दहन के बाद ही परपंरा को निभाया जाता है। इसके लिए गांव के लोगों द्वारा इस एक गेर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, जिसमें पिछली होली के बाद जो भी पुरुष अभी तक पिता बनते हैं, उनको महिलाओं द्वारा पीटा जाता है।
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इसके साथ ही पिछले साल जिस घर में होली के दूसरे दिन बच्चा पैदा हुआ है, वहां से एक-एक नारियल को इकट्ठा किया जाता है। इन एकत्रित किए गए नारियल को गांव के चौक की एक दीवार पर रस्सी से बांधकर लटका दिया जाता हैं।
लकड़ी से होती है पिटाई
इस परंपरा को निभाने से पहले सभी लोग भगवान शिवजी के मंदिर के बाहर खड़े रहते है, फिर ढोल बजाकर गेर नृत्य करते हुए गांव के चौक पर पहुंचते है। जिस जगह नारियल बांधे गए थे, इस जगह गांव की सभी महिलाएं मौजूद रहती है। जहां पर महिलाएं लगभग 50 फीट का गलियारा बनता हैं, जिसमें से नए बने पिता को निकलना पड़ता है और वही महिलाएं आंकड़े की गीली लकड़ी से पिटाई करती हैं।