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Rajasthan Top 5 Rivers: अक्सर लोग सोचते हैं कि राजस्थान में बहुत कम नदियां होगी या ना के बराबर नदियां होगी। लेकिन ऐसा नहीं है, राजस्थान में भी कई नदियां हैं, जो राजस्थान की जीवन रेखा बनकर इस मरुस्थलीय क्षेत्र में लोगों के जीवन को सरल बनाती हैं।

Rivers of Rajasthan: राजस्थान एक रेगिस्तान प्रदेश है, लेकिन यहां कई प्रमुख नदियां बहती हैं, जो राज्य की जलापूर्ति और कृषि के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। ये नदियां राजस्थान की कृषि, जल आपूर्ति और जल संसाधनों में अहम भूमिका निभाती हैं। राजस्थान की नदियां सूखा और अर्ध-शुष्क क्षेत्र होने के कारण राज्य के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं, और इसीलिए इन जल संसाधनों का प्रबंधन और संरक्षण बहुत ही महत्वपूर्ण है।

चंबल नदी

राजस्थान में सबसे प्रमुख जल स्रोत मानी जाने वाली इस नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के विंध्याचल पर्वत के पास जाना पाव पहाड़ी से होता है। चंबल को राजस्थान में बहने वाली एकमात्र बारहमासी नदी के रूप में जाना जाता है। यह नदी राजस्थान के कोटा, बारां, बूंदी और सवाई माधोपुर जिलों से बहती हुई गुजरती है, जिसमें इसकी प्रमुख सहायक नदियां बनास, पार्वती और कालीसिंध हैं। इस नदी के जल का उपयोग राजस्थान में सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन में किया जाता है। चंबल नदी पर निर्मित परियोजनाएं और कोटा बैराज बिजली उत्पादन के लिए इसका उदाहरण हैं।

लूनी नदी

राजस्थान की सबसे लंबी नदी के रूप में जाने जाने वाली यह नदी राज्य के पश्चिमी हिस्से बाड़मेर, जोधपुर, पाली और जालौर जिलों में मुख्य रूप से बहती है। यह नदी राजस्थान के बहुत बड़े हिस्से को जल प्रदान करने का कार्य करती है और कच्छ के रण तक पहुंचती है। लूनी नदी का उद्गम राजस्थान के अरावली पर्वत श्रृंखला से होता है। इस नदी पर विभिन्न सिंचाई परियोजनाएं और जल संचयन का कार्य चल रहा है। इसकी जलधारा का उपयोग ज्यादातर कृषि कार्यों के लिए किया जाता है। यह नदी राजस्थान में मानसून के समय पूरी तरह से सक्रिय रहती है।

घग्घर नदी

मृत नदी के नाम से जानी जाने वाली घग्घर नदी अधिकांश समय सूखी रहती है। इसका उद्गम स्थल हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से होता है, जहां से बहती हुई यह नदी राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों तक आती है। इस नदी में केवल मानसून के दौरान पानी आता है, जिस कारण यह केवल वर्षा काल में सक्रिय रहती है। पानी के अभाव के कारण यह नदी ज्यादा उपयोगी साबित नहीं होती, लेकिन फिर भी घग्घर नदी को राजस्थान की एक महत्वपूर्ण नदी माना जाता है।

बनास नदी

यह नदी चंबल नदी की प्रमुख सहायक नदी है, जो राजस्थान के दक्षिणी हिस्से में स्थित क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत है। इस नदी का उद्गम राजस्थान के उदयपुर जिले के कुंभलगढ़ पहाड़ियों से होता है। यह नदी चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टोंक जिलों से बहती हुई उत्तर प्रदेश की सीमा प्रवेश करती है। इस नदी की सहायक नदियों की बात की जाए तो खारी और मंसी नदी बनास की प्रमुख सहायक मानी जाती हैं।

कालीसिंध

मध्य प्रदेश के बाग पहाड़ियों से निकली यह नदी चंबल नदी की एक सहायक नदी है, जो खासकर कोटा और झालावाड़ जिलों के लिए वरदान मानी जाती है। यह नदी कोटा और झालावाड़ जिलों से बहती हुई जाती है और वहां के कृषि क्षेत्र में जलापूर्ति का एक महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है।

राजस्थान की जल संकट और उसके समाधान

राजस्थान में पानी की बहुत कमी है, और इसके लिए उपरोक्त नदियों का जल संरक्षण, प्रबंधन और वितरण बेहद महत्वपूर्ण है। जल स्रोतों का अत्यधिक दोहन, अव्यवस्थित जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के कारण राज्य में सूखा और पानी की कमी की स्थिति बहुत ज्यादा बढ़ रही है। राज्य सरकार और अलग-अलग गैर सरकारी संगठन विभिन्न जल संरक्षण परियोजनाओं जैसे वर्षा जल संचयन, जल पुनर्भरण और नदियों के पुनर्जीवन पर काम कर रहे हैं, ताकि इन नदियों के जल का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इन प्रमुख नदियों का जीवन रेखा के रूप में प्रबंधन और संरक्षण राजस्थान की स्थिरता और समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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