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Bikaner Engineering College: बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज और अश्व अनुसंधान संस्थान के बीच एक एमओयू साइन किया गया है। इस एमओयू के तहत चयनित विद्यार्थी एक ऐसी डिवाइस बनाने पर कार्य करेंगे, जिसके माध्यम से पशुओं की डाइट को नियंत्रित किया जा सकेगा।

Bikaner Engineering College: बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को एक अनूठा प्रोजेक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट पर राष्ट्रीय पशु अनुसंधान केंद्र के सहयोग से काम किया जाएगा। दरअसल, भारत के अश्व अनुसंधान केंद्र में घोड़ों और गधों की घटती हुई संख्या को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा एक रिसर्च कार्य किया जा रहा है, जिसमें इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों से तकनीकी सहायता ली जाएगी, ताकि घोड़ों और गधों के स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखा जा सके और उनकी प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाया जा सके।  

बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज और अश्व अनुसंधान केंद्र के बीच एमओयू

इस प्रोजेक्ट के तहत इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को एक ऐसा डिवाइस विकसित करना होगा, जिसके जरिए वे घोड़ों और गधों के स्वास्थ्य और खान-पान पर नजर रख सकें। इस प्रकार का कोई प्रोजेक्ट देश में पहली बार लॉन्च किया गया है, जिसमें बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों की सहायता ली जाएगी। इसके लिए बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज और अश्व अनुसंधान केंद्र के बीच एमओयू साइन किया गया है। इस प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों को पशुओं की डाइट को नियंत्रित करने वाली डिवाइस बनाने पर काम करना होगा।  

कॉलेज प्रिंसिपल ने दी प्रमुख जानकारियां 

कॉलेज के प्रिंसिपल ओ.पी. जाखड़ ने कहा कि कॉलेज और अश्व अनुसंधान संस्थान ने मिलकर जो यह एमओयू साइन किया है, उसमें रिसर्च और लर्निंग प्रोग्राम दोनों पर साथ काम किया जाएगा। साथ ही अनुसंधान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ ऑटोमेशन और आईटी सिस्टम का समावेश होगा, जिससे रिसर्च के स्तर में बेहतरी आएगी। एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने, नवाचार को उत्कृष्ट बनाने और ज्ञान साझा करने को बढ़ावा देने के लिए काफी काम किया जाएगा।  

चयनित छात्र करेंगे उच्च स्तर के वैज्ञानिकों के साथ कार्य

अश्वों और गधों के खानपान एवं दिनचर्या की निगरानी प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक एवं कंट्रोल इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्ष पूजा भारद्वाज और अनुसंधान के वैज्ञानिक डॉक्टर मोहम्मद कुट्टी के निर्देशन में छात्र विकसित करेंगे। इसी विभाग के जितेंद्र, अरविंद एवं हरजीत सिंह के साथ चयनित किए गए अन्य छात्र अश्व अनुसंधान केंद्र की पशुशाला में इस प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। एआई निगरानी प्रणाली के विभिन्न फीचर्स तय किए जाएंगे और सेंसर सिस्टम का निर्माण किया जाएगा।  

इस सिस्टम के होंगे चार भाग

इनोवेशन सेल के अध्यक्ष राहुल राज चौधरी ने एआई आधारित ऑटोमेटेड कंट्रोल सिस्टम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के चार प्रमुख भाग होंगे, जिसमें पहला भाग सेंसिंग सिस्टम, दूसरा भाग माइक्रोकंट्रोलर, तीसरा भाग आउटपुट यूनिट और चौथा भाग डाटा को संशोधित कर निर्णय लेने का कार्य करेगा। इसी के साथ यह आधुनिक प्रणाली विकसित की जाएगी।  

शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में साझा रिसर्च पर जोर दिया जा रहा है। उद्योग का दर्जा दिलाने और कृषि एवं पशुपालन को लाभकारी बनाने के लिए भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के अनुसार यह एमओयू किया गया है। इस एमओयू से खेती और पशुपालन भी काफी अधिक सुदृढ़ होगा।

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