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राजस्थान के प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने अब 8वीं की बोर्ड परीक्षा नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। पूरक परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक आते हैं तो फेल घोषित कर दिया जाएगा।

Department of Elementary Education of Rajasthan: राजस्थान के प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने अब कक्षा 8 के बोर्ड परीक्षा नियमों में बड़े बदलाव कर दिए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव अंक प्रतिशत को लेकर किया गया है। अब किसी भी छात्र के 8वीं बोर्ड की पूरक परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक आते हैं तो उसे फेल घोषित कर दिया जाएगा। उस छात्र को फिर से कक्षा 8 में पढ़ना होगा। विभाग का मानना है इस बदलाव से छात्रों की 10वीं तथा 12वीं परीक्षाओं के परिणामों में बड़ा सुधार आएगा। राजस्थान में 8वीं तक की परीक्षाओं तक ग्रेडिंग व्यवस्था लागू है। बता दें राज्य में 8वीं तथा 5वीं की पूरक परीक्षाएं 10 अगस्त 2025 से शुरू होंगी।

जानें क्या हैं नए बदलाव

राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से छात्रों को शैक्षिक स्तर पर मजबूत करने के लिए अहम कदम उठाए गए हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में किए गए बदलाव की जानकारी देते हुए प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी कोटा यतीश विजय ने बताया कि नए नियमों के अनुसार-
• 8वीं के छात्र को 100 में से 33 अंक लाना अनिवार्य होगा। इससे कम अंक आने पर अब 60 दिनों में पूरक परीक्षा देने होगी। यदि इस परीक्षा में भी 33 अंक लाने में असफल रहता है तो छात्र को पुनः 8वीं कक्षा में अध्ययन करना होगा।
• विद्यार्थी का आकलन 100 अंकों के आधार पर होगा, जिसमें 80 अंक लिखित परीक्षा तथा शेष 20 अंक सत्रांक के लिए निर्धारित किए गए हैं।
• विद्यार्थियों को 20 सत्रांकों में से 5 अंक उपस्थिति तथा 15 अंक शैक्षणिक गतिविधियों के लिए मिलेंगे। परिणाम ग्रेडिंग व्यवस्था पर ही होगा।
• 8वीं परीक्षा के लिए कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। परीक्षा में छात्र के अवधारणात्मक तथा व्यवहारिक ज्ञान का मूल्यांकन करने हेतु दक्षता आधारित प्रश्नों पर जोर रहेगा।
• हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा तृतीय भाषा का दक्षता आधारित प्रश्नों से मूल्यांकन होगा। कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्यानुभव के मूल्यांकन के 5 पॉइंट ग्रेडिंग व्यवस्था अपनाई है। इनकी परीक्षा लिखित नहीं बल्कि स्कूल एक्टिविटीज के आधार अंक दिए जाएंगे।
• छात्र को मुख्य परीक्षा में ही सानुग्रह अंक की व्यवस्था की गई है यदि किसी विषय में पासिंग अंक से चूकता है तो अधिकतम 5 प्रतिशत अंक दिए जा सकते हैं।
• यदि छात्र 2 विषयों में पासिंग अंक से कम प्राप्त करता है। तो हर विषय में 2-2 प्रतिशत अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। ये व्यवस्था मात्र मुख्य परीक्षा के लिए लागू होगा न कि पूरक परीक्षा के लिए।
• 8वीं परीक्षा में पुनर्मूल्यांकन नहीं मात्र पुनर्गणना होगी। छात्र सीबीईओ के माध्यम से पुनर्गणना का आवेदन कर सकते हैं। जिसे परीक्षा परिणाम जारी होने के 9 दिनों के अंदर आवेदन कर सकते हैं। इस पुनर्गणना के लिए 100 रूपए प्रति विषय के हिसाब से पुनर्गणना शुल्क लिया जाएगा।
बता दें केंद्र तथा राज्य सरकार के गजट नोटिफिकेशन जारी कर यह बदलाव किए गए हैं।

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