Rajasthan Education Department: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैनात पीटीआई शिक्षकों पर अब गाज गिरने वाली है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। 400 से ज्यादा शारीरिक शिक्षकों को अयोग्य मानते हुए उन्हें पद से हटाने की तैयारी चल रही है।
इनमें अलवर जिले के 12 पीटीआई के नाम भी शामिल हैं। बताया गया है कि इन सभी पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि ये सभी राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं।
बीकानेर में शिक्षा विभाग की बैठक आयोजित
आपको बता दें कि पिछले गुरुवार को बीकानेर में शिक्षा विभाग की बैठक हुई थी। इसमें सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी ज्वाइन करने के मामले उठाए गए थे। ये सभी शिक्षक 2022 में भर्ती हुए थे। इससे पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे PTI शिक्षकों का मामला सामने आने के बाद, शिक्षा विभाग और राजस्थान कर्मचारी आयोग की ओर से जांच कराई गई थी।
इसमें पीटीआई शिक्षकों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्कूल में नौकरी पाने का मामला सामने आया था। इसके बाद शिक्षा विभाग इन सभी शिक्षकों को अपात्र मानते हुए बड़ी कार्रवाई करने के मूड में है। बताया जा रहा है कि इसको लेकर तैयारियां पूरी हैं। विभाग का आदेश जारी होने के बाद सभी पर गाज गिरना तय है।
फर्जी पीटीआई शिक्षकों में हड़कंप
सूत्रों की मानें तो शिक्षा विभाग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्कूलों में तैनात पीटीआई शिक्षकों को उनके पदों से हटाने से पहले उन्हें दोबारा अपने दस्तावेज जमा कराने का मौका दे सकता है। जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर पर एक कमेटी भी बनाई जा सकती है। जो इन शिक्षकों के दस्तावेजों में खामियों की बारीकी से जांच करेगी।
इस खबर के फैलने के बाद प्रदेश के पीटीआई शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। हर कोई कुछ भी बोलने से बचता नजर आ रहा है। हालांकि सबकी निगाहें शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। हालांकि यह रहस्य बरकरार है कि इतने पीटीआई शिक्षकों की नियुक्ति कैसे हुई।
बता दें कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कौन सा फर्जी PTI Teacher किस जिले के किस स्कूल में कार्यरत है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन सरकार की खूब तारीफ हो रही है। हर कोई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और कदाचार पर लगे अंकुश को भजनलाल शर्मा सरकार की जीत बता रहा है।