MGSU University: महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर (MGSU) में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब विद्यार्थियों को अपना माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अंकतालिका की प्रतिलिपि लेने के लिए विश्वविद्यालय नहीं आना पड़ेगा। विश्वविद्यालय अब माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अंकतालिका प्रतिलिपि को घर पर ही भेजेगा। इसकी कार्रवाई शुरू होने वाली है। केवल ऑनलाइन आवेदन करने से डॉक्यूमेंट डायरेक्ट घर पहुंच जाएंगे। अभी अगर किसी विद्यार्थी को ये सर्टिफिकेट चाहिए तो, उसे श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ और चुरु जिले से 250 किलोमीटर का सफर करके बीकानेर आना पड़ता है। जिससे विद्यार्थियों का काफी समय भी बेकार होता है और खर्चा भी होता है। अब तो इस काम के लिए दलाल भी बन चुके हैं। जो विद्यार्थियों को ये काम करवाने के लिए मोटी कमाई कर रहे हैं। माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय की इस सुविधा से करीब 1 लाख विद्यार्थियों को फायदा होगा। ऋ
घर बैठे मिलेंगे डॉक्यूमेंट
डॉ. गिरिराज हर्ष (परीक्षा, उपकुलसचिव) बताते हैं कि विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। सोमवार से विद्यार्थी ऑनलाइन प्रक्रिया से माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अंकतालिका प्रतिलिपि घर पर प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही अब ऑफलाइन आवेदन पूर्ण रूप से बंद कर दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय की औपचारिक वेबसाइट पर जाकर इसके लिए आवेदन किए जाएंगे। आवेदन प्राप्त हो जाने के बाद विद्यार्थी के पास उसका माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अंकतालिका प्रतिलिपि स्पीड पोस्ट के जरिए भेज दी जाएगी।
तत्काल सुविधा भी रहेगी उपलब्ध
राजाराम चोयल (परीक्षा नियंत्रक) ने बताया कि विश्वविद्यालय से तत्काल माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अंकतालिका प्रतिलिपि प्राप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अगर किसी विद्यार्थी को उसी दिन डॉक्यूमेंट की जरूरत है तो, उसे यह सुविधा भी दी जाएगी। बस कुछ अतिरिक्त पैसे देकर डॉक्यूमेंट तुरंत भी प्राप्त किए जा सकते हैं। निर्धारित शुल्क 500 रूपये तय किया गया है। विद्यार्थी को साक्ष्य के साथ खुद भी उपस्थित होना होगा और अगर किसी विद्यार्थी को सामान्य रूप से दस्तावेज चाहिए तो, उसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए 250 रुपए (150 + 100 रुपए डाक शुल्क) और अंकतालिका प्रतिलिपि के लिए 200 रुपए (100 + 100 डाक शुल्क) देना होगा।
ऐसे होगा दस्तावेज के लिए आवेदन
विश्वविद्यालय की औपचारिक वेबसाइट पर दिशा निर्देशो के अनुसार वंचित दस्तावेजों को चुनना होगा। आधार कार्ड, पते का प्रमाण अपलोड करने के बाद मोबाइल नंबर वेरिफाई करना होगा, जिसके बाद ओटीपी डाल कर मोबाइल नंबर वेरिफाई होगा। अंत में शुल्क का भुगतान करना होगा। दस्तावेज स्पीड पोस्ट के जरिए विद्यार्थी के पते पर 10 दिन के अंदर पहुंच जाएंगे।
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