Rajasthan university: राजस्थान के मेडिकल और स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में सरकार की ओर से बड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत अब नर्सिंग और अन्य मेडिकल से जुड़े ग्रेजुएशन कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए नीट यूजी बाध्य नहीं होगा। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, जयपुर व मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी, जोधपुर ने अपने पहले आदेश को वापस लेते हुए यह फैसला लिया है कि अब बीएससी नर्सिंग, बीपीटी, बीआरटी और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स में एडमिशन लेने के लिए नीट यूजी की बदले यूनिवर्सिटी स्तर पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
बदलाव के पिछे का कारण
गौरतलब है कि पहले इन कोर्सेज में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के नंबर के आधार पर कॉलेज में एडमिशन कराया जाता था। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने नोटिफिकेशन भी जारी किया था, लेकिन एडमिशन करने के लिए छात्रों को काफी कम समय मिला था, जिसको लेकर हजारों उम्मीदवार अपना आवेदन नहीं कर पाएं थे।
छात्रों के लिए बड़ी राहत
यूनिवर्सिटी के इस फैसले से अब उन छात्रों को बड़ी राहत मिलती है जो काफी दिनों से एडमिशन ना होने पर निराश थे। वहीं नीट यूजी और आरयूएचएस की प्रवेश परीक्षा के सिलेबस में काफी अंतर था, जिससे कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नीट परीक्षा की तैयारी के लिए समय की कमी और आवेदन प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को देखते हुए फिलहाल यूनिवर्सिटी की ओर से इस प्रक्रिया को स्थगित किया गया है।
सत्र 2026-27 से लागू होगी नीट यूजी के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया
राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के द्वारा जारी आदेश के मुताबिक सत्र 2026-27 से नीट यूजी के माध्यम से ग्रेजुएशन कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया को लागू किया जाएगा।
अब कैसे होगा दाखिला?
जारी आदेश के अनुसार राजस्थान में बैचलर ऑफ नर्सिंग, बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी, बैचलर ऑफ रेडिएशन टेक्नोलॉजी और बैचलर ऑफ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी में प्रवेश के लिए संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा अपनी अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करानी होगी।
छात्रों को कैसे होगा फायदा?
यूनिवर्सिटी के इस फैसले से अब छात्र बिना नीट यूजी की बाध्यता के विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षा देकर एडमिशन करा सकेंगे। साथ ही यूनिवर्सिटी अपनी परीक्षा के सिलेबस को पाठ्यक्रम के अनुसार सेट करेगी, जिससे छात्रों को तैयारी में भी आसानी होगी। वहीं जिन छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होती थी, वे भी अब आसानी से आवेदन कर सकेंगे।