Bikaneri Papad : दुनिया भर में पापड़ खाने की शौकीन हर जगह मिल जाएंगे। पापड़ भारतीय खानपान का अहम हिस्सा माना जाता है। भारत में शादी हो या पार्टी पापड़ के बिना खाना अधूरा है। लेकिन क्या आप जानते हैं राजस्थान का बीकानेरी पापड़ पूरी दुनिया में मशहूर है। जो अपने जायके के लिए अलग पहचान रखता है। बीकानेर जितना भुजिया के लिए फेमस है उतना ही पापड़ के लिए भी फेमस है।
बीकानेरी पापड़ का हर साल हजार करोड़ में कारोबार होता है। बीकानेरी पापड़ की डिमांड विदेश में भी है। बीकानेर में बिना पापड़ के खाना अधूरा मानाजाता है। अगर आप बीकानेरी पापड़ के इतिहास से अनजान है तो हम आपको इसके इतिहास से रूबरू कराएंगे।
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जाने बीकानेरी पापड़ का सफर
पहली बार बीकानेरी पापड़ किसने इजात किया इसकी कोई जानकारी नहीं है। खाद्य इतिहासकार और लेखक केटी आचार्य की किताब से पता चलता है। पापड़ का इतिहास 1500 साल पुराना है। पापड़ की शुरुआत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के सिंध से हुई। सिंध की तापमान और जलवायु पापड़ बनाने के लिए बिल्कुल उत्तम होता था। ठीक वैसे ही जलवायु पाकिस्तान से सटे मारवाड़ बेल्ट की भी है। कालांतर में पापड़ बनाने वाले सिंध के कारीगर मारवाड़ पहुंचे। जिसके बाद पापड़ बीकानेर से जोधपुर तक बनाए जाने लगा।
बीकानेरी पापड़ का पाकिस्तानी कनेक्शन
बीकानेरी पापड़ में साजी खार का इस्तेमाल किया जाता है। सजी एक औषधीय पौधा है जो पापड़ में खार देने का काम करता है। सजी एक तरह का क्षारीय पत्थर है जो सजी नाम के पौधों को जलाकर बनाया जाता है। इसकी आयात पाकिस्तान से की जाती है। साजी के उपयोग से पापड़ कुरकुरे और फैलावदार बनते हैं। जिसकी क्वालिटी भी बाकी के पापड़ों से बेहतरीन होती है।
जाने पापड़ बनाने की विधि
सामग्री : बीकानेरी पापड़ उड़द और मूंग की दाल से बनकर तैयार होती है। पापड़ के मिश्रण में साजी खार, जावित्री, जायफल, नमक, चौवा (पापड़ खार), शाही जीरा काली मिर्च,और हींग का उपयोग करे । इन सामग्रियों का का मिश्रण तैयार कर इनके आटे को अच्छे से गूथे। आता गूथने के बाद अच्छी तरह से लोए बनाएं । लोए को अपने मन पसंदीदा आकर में बेलकर धूप में सुखा ले। सूखने के बीकानेरी पापड़ तैयार है ।