Rajasthani Gheeyar: देश भर में होली का त्यौहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है, वहीं बात हम राजस्थान के करते हैं तो राजस्थान में अपनी खास परंपरा और खान पान की वजह से होली को जाना जाता है। जहां पर अपनी पारंपरिक मिठाई बनाकर होली जैसे त्यौहार को मनाया जाता है, यहां के लोगों द्वारा इन मिठाइयों को केवल किसी विशेष अवसर पर ही बनाया जाता है। राजस्थान में हर त्यौहार पर अलग अलग खान पान की परंपरा है।
होली पर बनाते है घियर मिठाई
राजस्थान में होली के अवसर पर घियर मिठाई बनाई जाती है, घीयर एक ऐसी मिठाई है जो केवल होली के दिन ही बनाई जाती है। होली के दिन इस मिठाई को राजस्थानियों द्वारा काफी चाव से खाया जाता है। ये मिठाई हर आयु वर्ग के लोगों को पसंद होती है। होली के आते ही राजस्थान में इस मिठाई का प्रभाव दिखना शुरू हो जाता है।
सिंधियों का हिस्सा घियर
राजस्थान में प्रसिद्ध घियर मिठाई जो राजस्थान की पारंपरिक मिठाइयों में से एक है। जिसका संबंध पाकिस्तान से है, क्योंकि जब सिंधी पाकिस्तान से आए थे तो वह अपने साथ घीयर मिठाई की रेसिपी साथ लेकर आए थे। इस मिठाई को सिंधियों के नाम से भी जाना जाता है, इस मिठाई को राजस्थानियों के द्वारा पूजा में भी उपयोग किया जाता है।
कैसे बनती है घियर मिठाई
घियर मिठाई को बनाने के लिए मैदा का गोल बनाया जाता है, जिसे पूरे एक दिन तक रखा जाता है। फिर घी में जलेबी की तरह उसे तला जाता है, इसके बाद उसमें मिठास लाने के लिए चासनी बनाकर उसमें डाला जाता है। इस मिठाई का स्वाद लाजवाब होता सिंधी समाज की परंपरा का हिस्सा घियर मिठाई है, जिसमें घर की बहन बेटियों और रिश्तेदारों को भी घियर मिठाई परोसते हैं।
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घियर मिठाई की खासियत
घियर मिठाई की खासियत है कि इसे बाहर रखने पर भी 10 से 15 दिन तक खराब नहीं होती और इसको सभी आयुवर्ग के लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। घियर मिठाई का पहले 60 रुपए किलो दाम था, लेकिन अभी महंगाई के कारण इसका दाम बढ़कर 200 रुपए किलो हो गया है।
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