ICDS: सरकारी नौकरी की इच्छा कर रही राजस्थान की युवा महिलाओं का सपना पूरा हुआ है। बता दें कि महिला एवं बाल विकास विभाग के समेकित बाल विकास सेवाएं द्वारा प्रदेश में 416 महिला पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई है। इसके लिए आईसीडीएस विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है। इसमें से 216 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला पर्यवेक्षक के पद पर भर्ती किया गया है। वहीं 200 महिला पर्यवेक्षकों को सीधी भर्ती के माध्यम से चुना गया है।
गौरतलब है कि पिछले साल राजस्थान कर्मचारी बोर्ड द्वारा महिला पर्यवेक्षक सीधी भर्ती परीक्षा आयोजित कराई गई थी। जिसमें सफल महिलाओं को मंगलवार को नियुक्ति दी गई। इस भर्ती से महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्मिकों की कमी के कारण हो रही परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही अटके कामों में भी गति मिलेगी।
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विभाग के कार्य संपादन और मॉनिटरिंग में होगी आसानी
समेकित बाल विकास सेवा निदेशक ओपी बुनकर ने जानकारी दी कि विभाग में 416 कार्मिकों की नियुक्ति की गई है। इसमें आंगनबाड़ी से 216 कार्यकर्ताओं को चुना गया है और 200 महिला पर्यवेक्षकों भर्ती परीक्षा के माध्यम से चुना गया है। इस नियुक्ति से विभाग के कार्य संपादन और मॉनिटरिंग में आसानी हो सकेगें। साथ गी विभान को नवीन कार्मिक मिलने से कार्य क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी। कैंडर के 20 प्रतिशत से अधिक महिलाओं के मिलने से विभागीय योजनाओं से आमजन सरलता व सुगमता से लाभान्वित हो सकेंगे।
नवनियुक्त कार्मिकों की भर्ती के लिए जारी किए निर्देश
निदेशक ने कहा कि प्रदेश की बाल विकास परियोजनाओं में कार्यरत सभी सीडीपीओ को निर्देश दिए गए है कि नवनियुक्त कार्मिकों की पर्सनल फाइल का संधारण सही तरीके से होना चाहिए। कर्मिकों की फोटो, साइन, शैक्षणिक योग्यता और अंगूठे के निशान जैसी सभी एंट्री सावधानी से करने का आदेश दिया गया है।
वहीं निदेशक ने सभी सीडीपीओ को आदेश दिया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोटे से भर्ती हुए कार्यकर्ताओं के आवंटित फोन व सभी रिकॉर्ड को सौंप कर ही कार्यमुक्त किया जाएं।