Hariyalo Rajasthan : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 7 अगस्त 2024 को हरियालो राजस्थान अभियान को शुरू किया। हरियाली तीज के मौके पर इसकी शुरुआत की गई। एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर हरियालो राजस्थान अभियान की शुरुआत हुई। इस अभियान के तहत राजस्थान में 5 वर्षों के अंतर्गत 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया। लेकिन अब इस अभियान पर खतरा मंडराने लगा है। सिंचाई के अभाव में हजारों पौधे सूख गए हैं। सरकार को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। बता दें कि बाड़मेर जिले में 27 लाख रुपए कीमत के लगाए गए पौधे नगर विकास न्यायाधीश की लापरवाही के चलते सूखकर नष्ट हो गए। 30 बीघा जमीन पर 2450 पौधे लगाए गए थे जो अब पूरी तरह से बर्बाद हो गए है। जांच में निकाल कर सामने आया कि ठेकेदारों ने पौधे को पानी नहीं दिया जिस कारण से पौधे सूख गए।
बड़ा झटका,सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट पर दाव पर
हरियालो राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ड्रीम प्रोजेक्ट। इस प्रोजेक्ट पर नगर विकास न्यायाधीश की लापरवाही के चलते खतरा मंडरा रहा है। सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन सही देखभाल नहीं होने के चलते प्रोजेक्ट अब खतरे में है।
हरियालो अभियान सिर्फ फोटो तक ही समिति
हरियालो अभियान के तहत अब सिर्फ कटीली झाड़ियां है। पौधों का कोई नामोनिशान तक नहीं बचा। सरकार द्वारा राजस्थान को हरा भरा बनाना,वन क्षेत्र का विस्तार करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए लाखों रुपए खर्च कर हरियालो राजस्थान अभियान की शुरुआत की गई। लेकिन उचित देखभाल और सिंचाई के अभाव में ये अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाते हैं।
ठेकेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई
नगर विकास न्यास के सचिव श्रवण सिंह राजावत ने बताया है कि किस बीघा जमीन पर 2450 पौधारोपण किया गया था। पौधे की ग्रोथ के अनुसार ठेकेदारों को भुगतान किया जाना था। लेकिन अब पौधे पूरे तरीके से नष्ट हो चुके हैं इससे संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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