Camel Milk Disadvantage: दुनिया में बहुत सारी ऐसी चीजें है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन जिनका फायदा होता है उनका नुकसान भी होता है। वहीं ऊंटनी के दूध के भी फायदे और नुकसान दोनों ही होते हैं। जिसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में और उचित पाश्चरीकरण के बाद ही करना चाहिए। आज सभी केवल इसके लाभ के बारे में ही बात करते हैं, जिससे उसके नुकसानों को नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन आज हम आपको इसके नुकसान के बारे में बताएंगे।
1. एलर्जी
ऊंटनी के दूध में प्रोटीन होता है, जिससे कुछ लोगों में एलर्जी हो सकती है। इसके लक्षणों में त्वचा पर चकत्ते, खुजली, और श्वास संबंधी समस्याएँ शामिल हैं। जिन लोगों को दूध से एलर्जी होती है, उन्हें ऊंटनी का दूध पीने से बचना चाहिए।
2. लैक्टोज असहिष्णुता
ऊंटनी के दूध में भी लैक्टोज होता है, जो कुछ लोगों में लैक्टोज असहिष्णुता (लैक्टोज इंटॉलरेंस) का कारण बन सकता है। इसका सेवन करने से पेट दर्द, डायरिया, और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
3. संक्रमण का खतरा
अगर ऊंटनी का दूध सही तरीके से पाश्चरीकृत नहीं किया गया है, तो इसमें हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस हो सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसलिए हमेशा सुनिश्चित करें कि दूध को सही तापमान पर पाश्चरीकृत किया गया हो।
4.पोषक तत्वों की असंतुलन
ऊंटनी के दूध में पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन करने से शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसके कारण हड्डियों की कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
5.फूड पॉइजनिंग
अनपाश्चरीकृत ऊंटनी के दूध के सेवन से फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। इसमें मौजूद हानिकारक जीवाणु स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
ऊंटनी के दूध का सेवन गर्भावस्था, बच्चों में, और कुछ पुरानी बीमारियों वाले लोगों को डॉक्टर के परामर्श से ही करना चाहिए।वरना इसके भी नुकसान देखने को मिल सकते हैं।
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