Guillain-Barre Syndrome: इन दिनों देश में एक नया वायरस फैल रहा है, जिसे गिलियन बैरे सिंड्रोम वायरस नाम दिया गया है। महाराष्ट्र में इससे अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, मुंबई में भी एक व्यक्ति की मौत हुई है। राजस्थान में भी जीबीएस वायरस के केस सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। राजस्थान के सभी अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट मोड़ पर रखा गया है। ऐसे में आइए जानते हैं इस वायरस के बारे में।
क्या है ये खतरनाक बीमारी?
गुइलेन-बैरे सिंड्रोम मांसपेशियों की कमजोरी पैदा करने वाली खासतौर पर सिर और रीढ़ की मांसपेशियों के पोलीन्यूरोपैथी का एक रूप है, जो आमतौर पर कुछ दिनों के बाद बदतर हो जाता है और फिर धीरे-धीरे सुधार होता है या अपने आप सामान्य हो जाता है।
कैसा फैलता है जीबीएस?
खानपान और गंदगी के कारण जीबीएस फैलता है। इसके मुख्य कारण में बाजार की चाट-पकौड़ी, पानी-पुरी, ठंडी चटनी और दूषित पानी संक्रमण है। डॉक्टर बताते हैं कि जब बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है तब शरीर इनसे लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाता है। लेकिन जब यही एंटीबॉडी नर्वस सिस्टम पर हमला करने लगती है तो समस्या उत्पन्न होती है। इस कारण से नसों की कवरिंग भी डैमेज हो जाती है जिससे हाथ-पैरों में कमजोरी, झुनझुनी और लकवे जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
जीबीएस के लक्षण
- चलने फिरने में दिक्कत।
- हाथ पैर में कमजोरी और झुनझुनाहट।
- मांसपेशियों में दर्द और ऐठन।
- चेहरे या शरीर के हिस्सों में लकवे जैसे लक्षण दिखना।
- इनके अलावा सांस लेने में भी परेशानी होती है।
ये हैं बचाव के तरीके
इस बीमारी से बचने का एक ही तरीका है वह साफ सफाई, बाहर की चीजें खाने से परहेज करें। खान-पान को स्वच्छ रखें और खुद की भी स्वच्छता रखें। बार-बार हाथ धोएं। कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।