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आंखों के पलकों का फड़कना कई गंभीर बीमारी का बुलावा हो सकता है। इसकी बेहद गंभीर मेडिकल कंडीशन्स ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमीफेशियल स्पाज्म को मानी जाती है। मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन बी12 की कमी से तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है और पलक झपकने की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

Eye Twitching: आंख हमारे शरीर का ऐसा कोमल और नाजुक हिस्सा है। जिसे स्वस्थ और सुरक्षित रखना बहुत जरूरी होता है। आंखों का फड़कना आम तौर पर लोग मामूली सी वजह समझ कर टाल देते है। इसे सीरियस नहीं लेते हैं। यहां तक की कई लोग आंखों का फड़कना अपशगुन भी समझते हैं। लेकिन हमें हमेशा अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहना चाहिए। खास तौर पर तब जब आंख जैसी कोमल और नाजुक अंग की बात हो। आंखों का फड़कना कई बीमारियों का बुलावा हो सकता है, आइए जानते हैं-

क्यों फड़कती है आंखें

जब पलक की मांसपेशियों में ऐंठन की होती है तो इस वजह से किसी इंसान की आंख फड़कती है। अक्सर लोग इसे मामूली सी बात समझ कर टाल देते हैं। पलकों का फड़कना ज्यादातर इंसान अपनी ऊपरी पलक पर ही महसूस करता है। हालांकि ये नीचे और ऊपर दोनों पलकों में हो सकता है। वहीं मेडिकल में इसकी अलग-अलग कंडीशन बताइ गई है।

ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमीफेशियल स्पाज्म

 बेहद गंभीर मेडिकल कंडीशन्स ब्लेफेरोस्पाज्म और हेमीफेशियल स्पाज्म को मानी जाती है, जो अनुवांशिक कारणों से भी जुड़ी हो सकती है। आंखो के लिए यह सुरक्षित कंडीशन नहीं माना जाता है, ऐसे में मरीज को डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत पड़ सकती है। आंखो के फड़कने के मामले में ब्लेफेरोस्पाज्म को ज्यादा गंभीर माना जाता है। इसमें लोग चाहकर भी आंख फड़कने की एक्टिविटी को कंट्रोल नहीं कर पाते।

मायोकेमिया 

मांसपेशियों की सामान्य सिकुड़न के कारण मायोकेमिया होता है। इसे आंखों के फड़कने का सबसे सामान्य कारण माना जाता है, जोकि हमारे लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है। इसमें आंख की नीचे वाली पलक पर ज्यादा असर पड़ता है साथ ही आंखो पर इसका असर बहुत थोड़े समय के लिए होता है। जिसे लाइफस्टाइल में बदलाव से कंट्रोल किया जा सकता है।

क्या है आंख फड़कने का कारण

आंख फड़कने की कारण ब्रेन या नर्व डिसॉर्डर बताया जाता है जिसके चलते भी इंसान की आंख फड़क सकती है। वहीं लाइफस्टाइल में कुछ खामियों की वजह से भी लोगों को ऐसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा अत्याधिक स्ट्रेस लेने से भी यह यह समस्या आती है,वहीं टीवी, लैपटॉप या मोबाइल की स्क्रीन के साथ ज्यादा समय बीताने से भी आंखे ड्राई हो हो जाती है। इसके अलावा कैफीन का ज्यादा सेवन,नींद कम लेना और एल्कोहल का उपयोग भी इन समस्याओं को उत्पन्न करता है।

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पोषक तत्त्व की कमी भी वजह

अगर शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है तो यह भी इस स्वास्थ्य की सम्सया की बड़ी वजह है। मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन बी12 की कमी से तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है और पलक झपकने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। आमतौर परआंखों का फड़कना कोई गंभीर समस्या नहीं होती, लेकिन यह कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकती है। ऐसी कंडीशन में डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करना चाहिए। 

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