Bhadariya Underground Library: राजस्थान के जैसलमेर की एक ऐसी लाइब्रेरी जो भूमि के अंदर के बनाई गई है। ये एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी में से एक है। इस लाइब्रेरी में भारत का संविधान, पुराण, इनसाइक्लोपिडिया की किताबें, आयुर्वेद, इतिहास, स्मृतियां, उपनिषद्, वेदों की सम्पूर्ण शृंखलाएं, देश के सभी प्रधानमंत्रियों के भाषण, और भी कई लाखों किताबों को संभालकर रखा गया है। अगर आप भी किताबें पढ़ने के शौकीन हों और ऐसी लाइब्रेरी की तलाश कर रहे थे, जिसमें लगभग हर क्षेत्र संबंधित किताबें हों, तो आपका इंतजार खत्म हुआ क्योंकि इस लाइब्रेरी में आपके पंसद की हर किताबें मौजूद हैं।
लाइब्रेरी के निर्माता महाराज भदरिया
जैसलमेर में मौजूद अंडरग्राउंड लाइब्रेरी का नाम भदरिया है। इसके नाम के पीछे का कारण ये है कि इस लाइब्रेरी को यहां के राजा हरवंशसिंह निर्मल उर्फ भदरिया महाराज ने बनवाया था। इस भदरिया लाइब्रेरी में दुनिया के लगभग हर हिस्से से किताबों को महाराजा भदरिया द्वारा लाई गई थीं या उन्हें उपहार में मिली थीं।
लाइब्रेरी को लेकर स्थानीय लोगों के किस्से
जैसलमेर की इस लाइब्रेरी को लेकर एक किस्सा अक्सर वहां के स्थानीय लोगों द्वारा सुनाया जाता है, जिसमें ये बताया गया कि, महाराज हरवंश सिंह निर्मल ने मंदिर के पास स्थित एक कमरे में अपने 9 साल किताबें पढ़कर गुजारी थी। उसके बाद ही उनके द्वारा पढ़ी गई किताबों के लिए एक लाइब्रेरी का निर्माण करवाया। इस लाइब्रेरी को एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी में शामिल इसलिए किया गया है क्योंकि इसमें 4 हजार से ज्यादा लोग एक समय पर एक साथ बैठ सकते हैं। इस लाइब्रेरी की देखरेख जगदंबा सेवा समिति द्वारा की जाती है।
किताबों के लिए विशेष लेप
जैसलमेर की इस लाइब्रेरी में किताबों को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए एक लेप का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे- जिस प्रकार ऐतिहासिक काल में किसी राजा के शव को सुरक्षित रखने के लिए उन पर एक विशेष प्रकार के लेप का प्रयोग किया जाता है वैसे ही इन किताबों को खराब होने से बचाने के लिए एक विशेष प्रकार के लेप का इस्तेमाल किया जाता हैं।
इस लाइब्रेरी की किताबों को हर 5 से 6 महीने में विशेष तरह के लेप, पाउडर से इन्हें साफ किया जाता है। यहां करीब 562 अलमारियां हैं, जिनमें किताबें रखी गई हैं, इस लाइब्रेरी में 7 धर्मों का पूरा साहित्य, वेदों की सम्पूर्ण शृंखलाएं, इनसाइक्लोपिडिया की किताबें, स्मृतियां, भारत का संविधान, पुराण, आयुर्वेद, इतिहास, उपनिषेद, देश के सभी प्रधानमंत्रियों के भाषण की किताबों विभिन्न शोध की किताबों के साथ 8 से 9 लाख किताबों को इस लाइब्रेरी में सुरक्षित रखा गया है।
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