Golden book: भारत के प्रसिद्ध स्वर्ण कलाकार इकबाल सक्का ने रमजान के मौके पर एक अनोखी सोने और चांदी की किताब तैयार की है। यह किताब न केवल उनकी कला का एक उत्कृष्ट नमूना है, बल्कि इसमें राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सर्वधर्म समभाव का संदेश भी छुपा हुआ है।
64 पन्नों की सोने की किताब
उदयपुर के इकबाल सक्का ने इस खास किताब को 64 पन्नों का बनाया है, जिसमें संस्कृत में ‘ॐ’, अरबी में ‘अल्लाह’, सिख धर्म का ‘खंडा’ और ईसाई धर्म का ‘क्रॉस’ बना हुआ है। इस अनूठी कला के जरिए उन्होंने दुनिया में शांति और भारत में सांप्रदायिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने का संदेश दिया है।
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विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों का संगम है भारत
भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसमें विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों का संगम होता है। यह किताब देश के सभी धर्मों को एक समान देखने का प्रतीक है। सोने की यह किताब दुनिया को एकता और भाईचारे का संदेश देती है। बता दें कि इकबाल सक्का 100 से ज्यादा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके है। इस अनोखा पुस्तक को काफी बारीके से तैयार किया गया है।
सोने और चांदी से बनाई गई है पुस्तक
64 पन्ने की किताब को सोने और चांदी से बनाया गया है। किताब का आकार 6×4 मिलीमीटर है और मोटाई 3 मिलीमीटर। वही इसका वजन 500 मिलीग्राम है। इस पुस्तक के पन्ने इतने छोटे है कि इन पर लिखे अक्षरों को बिना लेंस के नहीं देख सकते है। खास बात यह है कि इन्हें पलटने के लिए सुई की नोक का इस्तेमाल करना पड़ता है।
15 दिन में तैयार हुई यह अनोखी किताब
रमजान के अवसर इकबाल सक्का ने इस खास किताब को तैयार किया है। इसको बनाने में 15 दिनों की कड़ी मेहनत लगी है। यह कृति उनके सुनार कला कौशल और धैर्य का प्रमाण देती है। उनकी यह कला, न सिर्फ कला प्रेमियों को बल्कि पूरे समाज को एकता और भाईचारे का संदेश प्रदान करती है।