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रौशनी का अद्भूत समावेश और लाइट से प्रदर्शित यह कला बेहद जिज्ञासु और आश्चर्यचकित करने वाला होता है। साथ ही यह मनमोहक और आनंददायक भी महसूस करता है, जैसे अचानक से कोई चमत्कार हो गया हो।

Jaipur 'Songlines': रोशनी के जरिए वर्तमान समय में भी कई अलग और बेहतरीन कला का प्रदर्शन देखा जाता है जोकि किसी प्राकृतिक नजारे की खुबसूरती से कम अहसास नहीं करवाती। कला का प्रदर्शन भारत में कई तरह से मनाया जाता है। 

प्रदर्शनी में क्या होता है खास

 यहां शांति का एक अलग ही माहौल होता है। इसमें लाइट शो, म्यूजिक बहुत अच्छा लगता है। एक अलग एहसास करता है जैसे आप कहीं अलग हो। साथ ही जब आप रंग देखते है तो ख़ुशी का एहसास होता है। इस प्रदर्शनी में कुछ देर बैठने से शान्ति का खास एहसास होता है।

क्यों है इसका नाम सांगलाइन?

 यह ऑस्ट्रेलिया की सबसे पुराने निवासियों की कहानी को बतलाती है कि कैसे वो ऑस्ट्रेलिया आये और कैसे यहाँ बसे। किन कठिनायों का उन्होंने सामना किया जोकि भारत में भी मौखिक परंपरा में इतिहास की कहानियो के तौर पर छिपी हुई हैं। वैसे ही ऑस्ट्रेलिया में भी है यही वजह है कि इसका नाम "सांग लाइन" है।

कैसे है कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र

बता दें कि यह कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी Songline प्रदर्शनी है जोकि आस्ट्रेलिया के आदिवासी की कहानी बताती है। वहीं यह फेस्टिवल ऑस्ट्रेलियाई हाई कमीशन, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और लिटरेचर फेस्टिवल के साझेदारी से ये प्रदर्शनी जयपुर में लगी है।

 कहां-कहां हुई है यह प्रदर्शनी 

यह प्रदर्शनी जो शान्ति और प्रकृति के रंगों का एहसास करवाती है। वो अबतक मुंबई, नई दिल्ली , बैंगलोर और कोलकत्ता में सफल आयोजन के बाद जयपुर में फरवरी महीने के अंत तक चलेगी।

आदिवासी के अतीत पर आधारित होती प्रदर्शनी

बता दें कि ये प्रदर्शनी ऑस्ट्रेलिया के आदिवासी के अतीत पर आधारित होती है। जिसमें कि आदिवासी गीत और कथा महिलाओं के माध्यम से बताई गई है। यह प्रदर्शनी अपने आप में अनोखी इसलिए भी है क्योंकि इसमें मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन्स, रौशनी और ध्वनि के ज़रिये दर्शकों को ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक नज़रों से रू ब रू कराया जाता है।

क्यों है इसका नाम सांगलाइन?

यह ऑस्ट्रेलिया की सबसे पुराने निवासियों की कहानी को बतलाती है कि कैसे वो ऑस्ट्रेलिया आये और कैसे यहाँ बसे। किन कठिनायों का उन्होंने सामना किया जोकि भारत में भी मौखिक परंपरा में इतिहास की कहानियो के तौर पर छिपी हुई हैं। वैसे ही ऑस्ट्रेलिया में भी है यही वजह है कि इसका नाम "सांग लाइन" है।

 

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