Rajasthani Bandhej Sarees: बंधेज राजस्थान की ऐसी मशहूर साड़ियां है, जो सूती और रेशमी कपड़ो पर हाथों से दबाकर बांधा जाता है। इस प्रकार की साड़ियां पूरे भारत में बेहद मशहूर है। कई त्योहारों और शादी समारोह में ऐसी पोशाके काफी फेमस है। इस प्रकार की कला ना केवल साड़ी में बल्कि कुर्ता, सलवार और लहगों में भी इस्तेमाल होती है।
बंधेज साड़ी बनने की प्रोसेस
बंधेज साड़ी की कला काफी पुरानी है और बेहद ही अलग तरीके से बनाई जाती है। इसे तैयार करने के लिए कारीगर पहले सफेद कपड़े को काटते हैं और उनके किनारों को सिला जाता है। इसके बाद छपाई के लिए दो से ज्यादा परतों को मोड़ दिया जाता है। इसके बाद गेरू में डुबाया जाता है और बाद में विभन्न डिजाइनें बनाई जाती है।
बंधेज साड़ी का इतिहास
इस प्रकार की साड़ियां लगभग 5000 वर्ष पुरानी है। राजस्थान में ज्यादातर जयपुर शहर में इसका उत्पादन बेहद प्रसिध्द है और दूर-दूर से लोग जयपुर के बजारों में इसकी खरीदी के लिए आते हैं। जयपुर के अलावा बीकानेर, जोधपुर और सीकर में पाई जाती है।
बंधेज साड़ी में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं
बंधेज साड़ी को बनाने के लिए कई प्रकार की वस्तुएं इस्तेमाल की जाती है। इन्हें तैयार करने के लिए कपास और मलमल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा जॉर्जेट, सिल्क-कॉटन, विस्कोस और अन्य समान यूज किया जाता है।