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लेदर के बैग का उपयोग लोंगो को काफी पसंद आता है, लेकिन इससे पर्यावरण की क्षति होती है। इसका उपयोग हमारे इको सिस्टम और जानवरों के लिए बहुत ही खतरनाक माना जाता है। अब कैक्टस के पेड़ से लेदर के बैग को बना कर पर्यावरण और जानवर दोनों को बचाया जा रहा है।

Cactus Lather Bag: लेदर का किसी भी प्रोडक्ट्स को हम एक खास नजरिए से देखते है। फिर चाहे वो जूते हो चप्पल या बैग लेकिन इस लेदर के सामान का बनने की पूरी प्रक्रिया पर्यावरण और जानवरों के लिए काफी नुकसानदायक होता है। आंखो को खुबसूरत लगने वाला यह बैग जानवरों के खाल से बनाए जाते है, जिसमें जाहिर है कि इतनों की संख्या में जानवर की मौत तो नहीं होती होगी न ही इतनी तादाद में सिर्फ मृत जानवरों के खाल से ये लेदर के बैग बनते होंगे। अब इन जानवरों का जीवन संकट से बच सकता है, कैक्टस के लेदर के बैग निर्माण से। लेदर (Leather) से बनाए गए प्रोडक्ट्स देखने में भले ही काफी अच्छे लगते हों लेकिन ये प्रोडक्ट्स पर्यावरण के लिए बिलकुल अच्छे नहीं होते।

किसने की इसकी शुरुआत ?

मेक्सिको के दो उद्यमियों एड्रियन लोपेज़ वेलार्डे और मार्टे कैजारेज़ ने कैक्टस से बने पहले जैविक चमड़े की शुरुआत की है। दोनों उद्यमियों ने अपनी कंपनी का नाम डेसर्टो रखा है। वहीं डेसर्टो की वेबसाइट के मुताबिक, ''कैक्टस वेगन-लेदर'', आंशिक रूप से बायोडिग्रेडेबल है। इसमें फैशन, फर्नीचर और यहां तक कि वाहन उद्योगों के लिए चमड़े का सामान बनाया जाता है। 

कितना टिकाऊ होता है वेगन चमड़ा

बता दें कि ''वेगन चमड़े'' का इस्तेमाल कम से कम 10 वर्षों तक आसानी से किया जा सकता है। इस वेगन चमड़े के प्रोडक्ट्स, जानवर या सिंथेटिक चमड़े की तुलना में बेहतर और अधिक कंफर्टेबल भी होते है। 

 कैसे बनाया जाता है कैक्टस चमड़ा?

कैक्टस लेदर नोपल कैक्टस से बनाया जाता है ,जिसे कांटेदार नाशपाती या भारतीय अंजीर ऑप्टुनिया के रूप में भी जाना जाता है। वहीं कैक्टस की कटाई साल में दो बार की जाती है, जिसमें केवल कैक्टस के पत्ते को काटा जाता है ताकि कैक्टस को नुकसान न पहुंचे और वह बढ़ता रहे। बाद में पैड को साफ किया जाता है, छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है फिर कम से कम तीन दिनों तक धूप में सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है। कई जटिल प्रोसेस के बाद यह लेदर तैयार किया जाता है।

पर्यावरणीय प्रभाव के लिए भी बेहतर

पेटा के मुताबित वैश्विक चमड़ा उद्योग त्वचा और खाल के लिए एक अरब से अधिक जानवरों को हर साल मारता है। हालांकि, इससे भी खतरनाक चमड़े से पर्यावरण को पहुंचने वाला नुकसान है। जानवर की खाल को निकालने से लेकर उसे चमड़े का प्रोडक्ट बनाने तक का प्रोसेस काफी लंबा होता है और इसके लिए बहुत से पानी और केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इस वजह से यह पर्यावरण के लिए और भी अधिक खतरनाक बन जाते हैं।

कैक्टस चमड़े का भविष्य

जलवायु परिवर्तन और ग्रीनहाउस गैसों के लिए बढ़ती चिंताओं के बीच इसकी अनुकूलनशीलता और कार्बन को आकर्षित करने की क्षमता आदर्श विशेषताएं हैं। इस लिहाज से कैक्टस लेदर का भविष्य उज्ज्वल प्रतीत होता है। कैक्टस उगाने से न केवल कार्बन उत्सर्जन में मदद मिलती है, बल्कि इस पौधे का कई तरह से उपयोग किया जा सकता है।

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