Famous Carpet in Rajasthan: राजस्थान हमेशा से अपनी खूबसूरत इमारतें, कला, शिल्प कला, खाना, पहनावे के लिए जाना जाता है। यहां लोग लाखों की संख्या में फेमस बाजारों में शॉपिंग करने आते है। इन बाजारों में खिलोने, मिट्टी के बर्तन, कपड़े, आभूषण, साफा आदि की बिक्री होती है। इन बाजारों सबसे ज्यादा बिक्री कालीन और गलीजों की होती है। आज इस आर्टिकल में हम आपको इन कालीन और गलीजों के बारे में बताएं कि इन कालीनों ने विदेश भर के बाजारों में अपनी पहचान बनाई है।
शाही घराने से हुई थी शाही कालीन की शुरूआत
कालीन और गलीचों की शुरूआत शाही दरबारों से हुई थी। राजस्थान के महाराजा अपने महलों की शान बढ़ाने के लिए इन कालीन और गलीजों को कारीगरों द्वारा बनवाते थे। अपने महल की शोभा दिखाने के लिए इन कालीनों का इस्तेमाल किया जाता है। राजस्थान के प्रचीन कारीगरों ने इस धरोहर को सहज कर रखा है। पीढ़ि दर पीढ़ि इस कला की शान बढ़ती जा रही है। यह कला ना केवल भारत में बल्कि विदेश के बाजारों में लाखों में बिकती है।
बुनाई में इस्तेमाल होता है यह खास फाइबर
कालीन या गलीजे बनाते समय ऊन, रेशम व कपास का यूज होता है। इन्हें बनाने के लिए बहुमुखी रेशों का इस्तेमाल किया जाता था। ऊन कालीन को टिकाता है। रेशम चमक देता है और कपास उसे नरमाहट प्रधान करता है।
विभिन्न प्रकार के कालीन और गलीचे
पूरे राजस्थान में हर अलग राज्य में अलग प्रकार की कालीने फेमस है जैसे- जयपुर की कालातीत भव्यता- यह बेहद जाटिल और चमकीले रंग में पाई जाती है। वहीं बीकानेर की कालीन- रेगिस्तान की मिट्टी के कलर में पाई जाती है। शाही कालीन जोधपुर में मिलती है।