Rajasthan Destination Wedding: प्राचीन विरासत, धरोहर एवं आधुनिक पर्यटन के संगम के साथ राजस्थान राष्ट्रीय स्तर पर एक डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में उभर कर सामने आया है। राजस्थान सरकार की कुशल नीति का परिणाम है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्थित प्राचीन स्थलों, धरोहरों तक लोग अब डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुंचने को इच्छुक हैं। सैलानी ही नहीं, बड़े-बड़े फिल्मी सितारे भी राजस्थान की प्राचीनता से वाकिफ है। यही वजह है कि वे राज्य की ओर आकर्षित नजर आते हैं।
बीते वर्षों में राजस्थान कई नामी हस्तियों की शादी का साक्ष्य बना है। जयपुर से लेकर जैसलमेर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ तक लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहुंच रहे हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार मिल रही है। इस खबर के माध्यम से हम आपको सारे पहलुओं के बारे में समझने की कोशिश करेंगे।
डेस्टिनेशन वेडिंग का हब बन रहा राजस्थान
अपनी प्राचीनता को संजो कर रखने वाला राजस्थान अब डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में उभर रहा है। जयपुर, जैसलमेर, उदयपुर, अजमेर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झुंझुनू, नागौर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, सीकर और सवाई माधोपुर समेत राजस्थान के कई इलाकों में डेस्टिनेशन वेडिंग जोरों पर है। देश-दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए राजस्थान के इन इलाकों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बीते वर्षों की बात करें तो बॉलीवुड जगत की कई हस्तियों ने राजस्थान में डेस्टिनेशन वेडिंग की है।
इसमें प्रियंका चोपड़ा-निक जोनस, सिद्धार्थ मल्होत्रा-कियारा आडवाणी, परिणीति चोपड़ा-राघव चड्ढा, कैटरीना कैफ-विकी कौशल, निहारिका कोनीडेला-चैतन्य जेवी, नील नितिन मुकेश-रुक्मणी आदि जैसे चर्चित हस्तियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा कई ऐसे प्रमुख नाम हैं जिन्होंने राजस्थान की धारा को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए चुना है। यही वजह है कि भजनलाल सरकार राज्य में सुविधाओं का विस्तार कर रही है ताकि, डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में राजस्थान को सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व में जाना जाए।
अर्थव्यवस्था को मिल रही रफ्तार
राजस्थान के डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में उभरने से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिल रही है। भारी संख्या में जब सैलानी या फिर नामी हस्ती राजस्थान में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए आते हैं तो, उन्हें अपनी जरूरत के लिए स्थानीय लोगों पर निर्भर रहना होता है। रहने, खाने, परिवहन व अन्य तमाम जरूरतों के लिए पर्यटक स्थानीय सुविधाओं की मदद लेते हैं। इस पूरे प्रक्रिया में सैलानी की ओर से खर्च किए जा रहे रकम से राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होता है। इससे अर्थव्यवस्था रूपी पहिए को रफ्तार मिलती है और राज्य विकास पथ पर तेजी से आगे बढ़ता है।
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