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Rajasthan Unique Tradition: राजस्थान के जैसलमेर में एक अनोखी परंपरा सालों से निभाई जा रही है। दरअसल, यहां लोगों के द्वारा शादी के कार्ड छपवाकर लोगों को निमंत्रण नहीं दिया जाता है, बल्कि लोग घरों के बाहर कलाकृति बनाकर लोगों को शादी में इंवाइट करते हैं।

Rajasthan Unique Tradition: आज के डिजिटल जमाने में हर कोई मोबाइल के माध्यम से अपनी शादी या फिर किसी कार्यक्रम का कार्ड अपने रिशतेदारों और दोस्तों में भेजते हैं। पहले के जमाने में यह कार्य कार्ड पर निमंत्रण छपवा कर किया जाता था। लेकिन राजस्थान की स्वर्ण नगरी के नाम से मशहूर जैसेलमेर में आज भी लोगों के द्वारा एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है।

इस परंपरा के मुताबिक कोई भी व्यक्ति किसी को भी कार्ड पर शादी का निमंत्रण छपवा कर नहीं देता है, बल्कि लोग अपने घरों के बाहर इस कार्ड को छपवाते हैं और रिश्तेदारों को निमंत्रित करते हैं। 

लोग नहीं छपवाते हैं कागज के कार्ड 

पूरी दुनिया में जैसलमेर एक मात्र ऐसी जगह है, जहां लोग घरों की दिवारों पर पेंट कराकर शादी का निमंत्रण देते हैं। हालांकि समय के साथ साथ अब कई लोग इस परंपरा को नहीं निभा रहे हैं, लेकिन इसे आज भी कई इलाकों में देखा जा सकता है। कई सालों से चलती आ रही यह परंपरा काफी अनोखी और अत्भुद है। शादी वाले घर के बाहरी दिवार पर पूरा शादी का कार्ड छपवाया जाता है।

इसमें शादी से जुड़ी सभी जानकारी दी जाती है। जैसे शादी की तारीक, दुल्हन दूल्हा का नाम, शादी की जगह आदि चीजें खूबसूरत कलाकृतियों के माध्यम से बताई जाती है। साथ ही इसमें दीवार पर गणेश जी की फोटो भी बनवाते हैं। इसे बनाने का मुख्य उद्देश होता था कि जो भी व्यक्ति इस कार्ड को देखे वो शादी समारोह में शामिल हो सकता है। 

शादी में खुद आते हैं भगवान गणेश 

इस अनोखी परंपरा के बारे में स्थानीय निवासी दिनेश व्यास ने कहा कि इस परंपरा को कई सालों से पूर्वजों के द्वारा निभाया जा रहा है। दरअसल, पहले के जमाने में प्रिंटिंग प्रेस नहीं हुआ करती थी, जिसकी वजह से लोग घर के बाहर ही गणेश की फोटो के साथ शादी की जानकारी छपवाते थे। साथ ही लोगों को पिले चावल देकर शादी में आने का निमंत्रण दिया करते थे। माना जाता है भगवान गणेश खुद उस घर में आ जाते है जिसके बाहर शादी का कार्ड छपा होता है और सभी विघ्नों को हर लेते हैं।

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