5 Main Crops Grown in Rajasthan: किसी भी राज्य में उपजाए जाने वाले अनाज उसे राज्य की जीवन रेखा के आधार होते हैं। खासकर अगर राज्य राजस्थान जैसा हो, तो वहां उपजाए जाने वाले अनाज का बाकी राज्यों से अलग होना लाजमी होता है, क्योंकि राजस्थान के अधिकतर भाग में थार का रेगिस्तान आता है। इस वजह से राजस्थान के थार रेगिस्तान वाले भाग में उपजाए जाने वाले अनाज भी साधारण अनाज न होकर मोटा अनाज होते हैं। आइए जानते हैं राजस्थान में उपजाए जाने वाले प्रमुख अनाजों के बारे में।
गेहूं: भारत के बाकी राज्यों की तरह राजस्थान में भी गेहूं की उपज होती है। राजस्थान गेहूं के उत्पादन में पांचवें स्थान पर आता है और भारत के कुल उपज का 8% से 9% तक गेहूं की उपज यहां होती है। हालांकि, राजस्थान में गेहूं मुख्यतः अरावली के पूर्वी क्षेत्र में उगाए जाते हैं। राजस्थान में गेहूं उत्पादन वाले जिलों के नाम गंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, अलवर, उदयपुर, नागौर, भरतपुर, जयपुर, बूंदी, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा और बारां का नाम आता है।
मक्का: मक्का राजस्थान में उपजाए जाने वाले सबसे प्रमुख अनाजों की सूची में दूसरे स्थान पर आता है। पूरे देश के 8% से 9% तक का मक्का राजस्थान में ही उपजाया जाता है। राजस्थान में मक्के का उत्पादन मुख्यतः दक्षिणी जिलों में अधिक होता है। उत्पादन के दृष्टिकोण से राजस्थान भारत के मक्का उत्पादक राज्यों की सूची में नौवें स्थान पर आता है। राजस्थान में मक्का उत्पादक जिलों के नाम सिरोही, राजसमंद, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, झालावाड़, और बारां हैं।
जौ: राजस्थान में जौ का उत्पादन मुख्यतः गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, नागौर, भीलवाड़ा, सीकर, अलवर, भरतपुर, जयपुर आदि जिलों में होता है। अगर बात की जाए सर्वाधिक उत्पादन की, तो गंगानगर का नाम सबसे शीर्ष पर आता है।
कपास: राजस्थान में कपास के उत्पादन की शुरुआत हनुमानगढ़ से हुई थी, लेकिन सर्वाधिक उत्पादक जिला गंगानगर है। गंगानगर में ही अखिल भारतीय कपास सुधार परियोजना की शुरुआत हुई थी। राजस्थान में कपास उत्पादक जिलों में प्रमुख जिले गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, बूंदी, कोटा, जालौर, झालावाड़, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, सिरोही आदि का नाम आता है।
बाजरा: बाजरा एक मोटा अनाज है, और मोटे अनाजों को उपजाने के लिए बहुत अधिक अनुकूल परिस्थितियों का होना जरूरी नहीं होता है। इस वजह से राजस्थान में बाजरे की खेती करना यहां की जनता के लिए सबसे आसान होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि राजस्थान भारत के कुल बाजरे उत्पादन का लगभग 50% उत्पादन करता है।
ऐसे समय में, जब पूरी दुनिया मोटे अनाज को अपना रही है, यह राजस्थान के लिए गौरव का विषय है। उपजाने में आसान होने के कारण राजस्थान के कुल कृषि योग्य भूमि के एक बड़े भाग पर बाजरे का उत्पादन किया जाता है। अगर बात करें राजस्थान के बाजरे उत्पादक जिलों की, तो बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, बीकानेर, नागौर, सीकर, चूरू, जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली और सवाई माधोपुर का नाम आता है।
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