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Rajasthan Energy Possiblities: राजस्थान में भले हीं नदी पर डैम बना कर ऊर्जा का बड़ी मात्रा में उत्पादन संभव नहीं है, लेकिन यहां द ग्रेट इंडियन डेजर्ट के रूप में एक बड़ा क्षेत्र मौजूद है। इसे ऊर्जा के उत्पादन के लिए कई तरीकों से उपयोग में लाया जा सकता है।

Rajasthan Energy Possiblities: राजस्थान अपने बड़े भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों के कारण ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला राज्य माना जाता है। इस राज्य की सरकार विभिन्न ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करके ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयासरत है।

राजस्थान में ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं और सरकार विभिन्न नीतियों और योजनाओं के जरिए इनका उपयोग करने का प्रयास भी कर रही है। पवन, सौर और बायोमास जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान केंद्रित करके राज्य न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरा कर सकता है, बल्कि देश के ऊर्जा उत्पादन में भी बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर सकता है।

सौर ऊर्जा

राजस्थान भारत का सबसे गर्म राज्य है। यहां की विस्तृत रेगिस्तानी क्षेत्र और गर्म जलवायु सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। यहां ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की जा सकती है। गर्मी के कारण घरों और कृषि क्षेत्र में सोलर पैनल्स की स्थापना को बढ़ावा देने के साथ-साथ सोलर पार्क और सोलर फार्म्स के जरिए भी बिजली उत्पादन किया जा सकता है। सरकार ने यहां पर भड़ला सोलर पार्क का निर्माण किया है, जो दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क है। इसके अलावा, सरकार सब्सिडी और योजनाओं के द्वारा सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है।

पवन ऊर्जा

राजस्थान में जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर जैसे क्षेत्र पवन ऊर्जा उत्पादन के लिए अनुकूल माने जाते हैं। यहां पर पवन टरबाइनों की स्थापना करने के साथ-साथ हाइब्रिड ऊर्जा परियोजनाओं में पवन और सौर ऊर्जा का संयोजन किया जा सकता है। राजस्थान सरकार पवन ऊर्जा से संबंधित कंपनियों को भूमि उपलब्ध कराने के साथ-साथ करों में छूट भी दे रही है।

बायोमास एनर्जी

राजस्थान कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए यहां बायोमास ऊर्जा उत्पादन की व्यापक संभावनाएं भी हैं। यहां कृषि अवशेषों और जैविक कचरे से ऊर्जा का उत्पादन किया जा सकता है। इसके अलावा, यहां बायोमास गैसीफिकेशन और बायोफ्यूल उत्पादन संयंत्र भी लगाए जा सकते हैं। राजस्थान सरकार बायोमास आधारित बिजली संयंत्रों के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है।

हाइड्रोजन ऊर्जा

आने वाले समय में ऊर्जा जरूरत को देखते हुए राजस्थान हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए भी कई संभावनाओं पर काम कर सकता है। इन संभावनाओं में हाइड्रोजन ईंधन आधारित परिवहन और उद्योगों में उपयोग करना शामिल है। इसके अलावा, सौर और पवन ऊर्जा के संयोजन से हाइड्रोजन उत्पादन किया जा सकता है। सरकार को हरित ऊर्जा नीति में हाइड्रोजन ऊर्जा को शामिल करना चाहिए।

भूतापीय ऊर्जा

राजस्थान के भूगर्भीय क्षेत्र, विशेषकर पश्चिमी क्षेत्र, भूतापीय ऊर्जा के लिए अनुकूल माने जाते हैं। अगर यहां भूतापीय ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जाए, तो ऊर्जा का उत्पादन अधिक मात्रा में हो पाएगा। इसके साथ ही, यहाँ हॉटस्प्रिंग्स और अन्य स्रोतों का भी उपयोग किया जा सकता है। इस क्षेत्र में शोध और प्रशिक्षण परियोजनाएँ सरकार द्वारा प्रारंभ करवाई जा सकती हैं।

थर्मल एनर्जी

राजस्थान में कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट बहुत पहले से मौजूद हैं। यहाँ पर स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। यहाँ की सरकार थर्मल प्लांट्स को पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर ध्यान देने की कोशिश कर रही है।

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