Rajasthan Budget Session 2025: केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा मंत्रियों सांसदों का वेतन भत्ता बढ़ा देने के बाद अब राज्यों के मंत्रियों तथा विधायकों की बारी आ गई है। राजस्थान में भी भजनलाल कैबिनेट के द्वारा इस आशय का एक प्रस्ताव तैयार हो चुका है। इससे पहले राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं चल रही थी कि राजस्थान सरकार वेतन बढ़ोतरी के संबंध में एक विधेयक लेकर आएगी। लेकिन भजनलाल सरकार ने कैबिनेट बैठक कर मंत्रिमंडल की स्वीकृति से ही वेतन-भत्ते बढ़ाने का निर्णय ले लिया है।
बजट सत्र 2025 से पूर्व ही हो गया था प्रस्ताव तैयार
बता दें भजनलाल सरकार के द्वारा राजस्थान बजट सत्र 2025 के शुरू होने से पूर्व ही मंत्रियों-विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर चुकी थी। इसका पता इस बात से चलता है क्यों कि सरकार द्वारा मूल वेतन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव विधानसभा के द्वारा विधि विभाग को भेजा गया था, जिसमें कुछ संशोधन के साथ यह प्रस्ताव सरकार के वित्त विभाग को भेज दिया था। इसी संकेतों से ही स्पष्ट हो जाता है कि मूल वेतन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलना लगभग तय हो चुका है।
जानिए वेतनमान में कितना होगा फायदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि राज्य का वित्त विभाग अभी विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ोतरी के संबंध में विश्लेषण कर रहा है। वित्त विभाग की स्वीकृति के मिलते ही जल्द विधायकों का वेतन बढ़ेगा। बता दें वर्तमान में राजस्थान के विधायकों का मूल वेतन 40 हजार रुपए प्रतिमाह है। इसके साथ ही उनको निर्वाचन क्षेत्र भत्ते के रूप में 70 हजार प्रतिमाह प्राप्त होते हैं। मकान किराए के रूप में 30 हजार रुपए प्रति माह दिए जाते हैं। वहीं हवाई-रेल यात्रा के रूप में सालाना 3 लाख रुपए की निश्चित सीमा है। इन सबके साथ ही कई अन्य भत्ते भी मिलते हैं। माना जा रहा है कि यदि 10 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की स्वीकृति मिल जाती है, तो विधायकों का वेतन 40 हजार से 44 हजार हो जाएगा।
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