Diabetes Clinic Rajasthan: राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार हर कदम प्रयासरत नजर आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार सरकारी अस्पतालों में कई तरह की सुविधाएं बढ़ाई जा रहे हैं, ताकि मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सके। इसी कड़ी में राज्य सरकार की ओर से संचालित की जा रही मधुहारी यानी डायबिटीज क्लिनिक की चर्चा भी जोरों पर है।
राज्य के कई सरकारी अस्पतालों में शुरू किए गए इन डायबिटीज क्लिनिको में टाइप-1 डायबिटीज बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए निशुल्क ग्लूकोमीटर, इंसुलिन और ग्लूको स्ट्रिप उपलब्ध कराया जा रहा है। राजस्थान सरकार के इस पहल से टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को बेहतर से बेहतर सुविधाओं को पाकर बीमारी से जंग जीत रहे हैं।
बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा क्लीनिक
राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्य के कई सरकारी अस्पतालों में शुरू किया गया मधुहारी क्लिनिक टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस खास क्लीनिक पर बच्चों को ग्लूकोमीटर, इंसुलिन, ग्लूको स्ट्रिप, एमएसबीजी लॉग और एक लेंससेट उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकार की इस खास पहल से टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे डायबिटीज क्लिनिक तक पहुंचकर इन सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। वही मौके पर उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा चर्चा एवं परामर्श कर डायबिटीज पर जीत हासिल करने और स्वस्थ होने के तरीकों पर भी चर्चा की जा रही है।
अस्पतालों में मिल रही निशुल्क जांच की सुविधा
चिकित्सा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक राजस्थान में कई सरकारी अस्पतालों में डायबिटीज से ग्रसित बच्चों के लिए निशुल्क जांच की सुविधा दी जा रही है। इनमें जायल एवं डेगाना का सब डिविशनल अस्पताल, नागौर का जिला अस्पताल, जिला अस्पताल पावटा, ओसियां और पीपाड़ साती, सब डिविजनल अस्पताल शाहपुरा आदि जैसे अस्पताल हैं। टाइप-डायबिटीज से पीड़ित बच्चें इन अस्पतालों में जाकर निशुल्क जांच व इलाज का लाभ उठा सकते हैं।
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