rajasthanone Logo
रेल मंत्री अश्विनी बैष्णव ने देश की पहली हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक का निरीक्षण किया,जिसने तय कर दिया कि यह तकनीक विकसित करने के मामले में भारत चुनिंदा देशों में अग्रणी हो गया है।

Hyperloop First Train Test Track: भारत के रेलवे परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी क्रांति आने वाली है। जब शनिवार 15 मार्च 2025 को रेल मंत्री अश्विनी बैष्णव ने देश की पहली हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक का निरीक्षण किया, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि भारत अब भविष्य के हाई स्पीड ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में आगे कदम बढ़ा चुका है। आईआईटी मद्रास के युवा इंजीनियरों की टीम द्वारा तैयार किए गए 410 किमी लंबे टेस्ट ट्रैक पर अब 1100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पॉड परीक्षण करने को पूरी तरह तैयार है।  

जानें क्या है हाइपरलूप तकनीक

हाइपरलूप तकनीक में ट्रेन चुंबकीय शक्ति के माध्यम से पॉड पर दौड़ेगी। इस तकनीक में पॉड को एलिवेटेड रूप से खंभों पर तैयार कर एक खास ट्रांसपेरेंट वैक्यूम ट्यूब को बिछाया जाता है। इसके अंदर यात्रियों को बहुत तेज तथा घर्षण रहित एक सुरक्षित यात्रा का अनुभव होगा। आईआईटी मद्रास के हाइपरलूप परियोजना से जुड़े छात्र सचिन पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘अभी जो पॉड डिजाइन किया जा रहा है वह 1000 किग्रा की भार क्षमता के हिसाब का है, जिसमें एक साथ 11 व्यक्ति अथवा 1000 किग्रा के वजन के सामान को आसानी से ढोया जा सकेगा।’

बुलेट ट्रेन तकनीक को छोड़ा पीछे

हाइपरलूप तकनीक वर्तमान 450 किमी प्रति घंटा से दौड़ने वाली सबसे तेज बुलेट ट्रेन की यात्रा को भी मीलों पीछे छोड़ देगी। इससे आप समझ सकते हैं कि यदि यह तकनीक जब समूचे देश में लागू हो जाएगी तो जयपुर से दिल्ली या चेन्नई से बेंगलुरु का सफर मात्र 30 मिनट में पूरा करना संभव हो जाएगा। सार्वजनिक परिवहन की इस भविष्य की तकनीक के द्वारा ऊर्जा की बचत के साथ ही प्रदूषण रहित यातायात में मदद मिलेगी।

चुनिंदा देशों में शामिल हो गया भारत

भारतीयों के लिए यह गर्व की बात है कि अब हाइपरलूप तकनीक विकसित करने के मामले में भारत चुनिंदा देशों में अग्रणी हो गया है। अब तकनीक आयात करने में नहीं अपितु भविष्य की तकनीक इनोवेशन पर काम कर रहे हैं। रेलमंत्री का मानना है कि केंद्र सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर भविष्य के इनोवेशन कर रही है। साथ ही उन्हें भरपूर आर्थिक मदद भी प्रदान कर रही है। बता दें इस हाइपरलूप तकनीक में ट्रेन वैक्यूम उत्पन्न करने पर टैक के ऊपर नहीं अपितु ट्रैक से ऊपर उठकर दौड़ेगी।

ये भी पढ़ें-    

5379487