Rajasthan PTI Teacher: राजस्थान में सोमवार 20 जनवरी 2025 को राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 129 पीटीआई अध्यापकों को बर्खास्त कर दिया। ये अध्यापक लगभग 16 माह से फर्जी डिग्री के आधार पर पीटीआई के पद पर नौकरी कर रहे थे। जांच कमेटी की रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद आयोग की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक कई ऐसे लोगों ने नौकरी हासिल कर ली थी जिनकी योग्यता ही 8वीं पास पाई गई।
फर्जीवाड़े की मिली थी जानकारी
बता दें राजस्थान में 244 अध्यापकों के द्वारा फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे बड़े पैमाने पर पीटीआई शिक्षक की नौकरी हासिल कर लेने की सूचना प्राप्त हुई थी। भजनलाल सरकार ने इस पर जांच कमेटी का गठन कर दिया था। इसके बाद पीटीआई की भर्ती में सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों तथा डिग्री सहित अन्य दस्तावेजों की गहराई से जांच शुरू कर दी गई, जिसमें कई सारे दस्तावेज जाली तथा मिसमैच पाए गए।
ये शिक्षक विगत 16 माह से सरकारी स्कूलों में पदस्थ होकर सैलरी उठा रहे थे। जांच के बाद ही 244 में से इन 129 शिक्षकों के खिलाफ आयोग ने यह कार्रवाई की है। अभी भी अन्य शेष शिक्षकों के खिलाफ कमेटी की जांच चल रही है। इन बर्खास्त शिक्षकों के विरुद्ध आयोग की तरफ से कानूनी कार्रवाई शुरू कर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें से कुछ बर्खास्त शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बर्खास्तगी को चुनौती दी है।
जानें क्या है पूरा मामला
बता दें साल 2022 में राजस्थान में 5546 शिक्षक पदों हेतु भर्ती निकाली गई थी। जिसमें न्यूनतम योग्यता 12वीं पास सहित शारीरिक शिक्षा में प्रमाण पत्र अथवा डिप्लोमा की आवश्यकता थी। जिसके बाद पीटीआई भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें सामने आई थी। हालांकि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के द्वारा चयन किए 321 अभ्यर्थियों की जांच में दस्तावेजी विसंगतियां पाई गईं थीं, जिनकी सूची शिक्षा विभाग को भेजी गई थी। इस संबंध में अक्टूबर 2024 में सभी अभ्यर्थियों को बोर्ड की तरफ से नोटिस भेजकर उनका जवाब मांगा गया था। बर्खास्त टीचरों में 12 तो अकेले धौलपुर से है।
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