Bhajan Lal Government Regulate Coaching Centers in Rajasthan: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बुधवार 19 मार्च को विधानसभा में कोचिंग सेंटरों पर की मनमानी पर लगाम लगाने से संबंधित एक बिल प्रस्तुत कर दिया। राजस्थान सरकार द्वारा लाए गए इस बिल के प्रावधानों की बात करें तो अब कोई भी कोचिंग सेंटर बिना राज्य सरकार की अनुमति के संचालित नहीं हो सकेगा। इतना ही नहीं इस बिल में छात्रों और उनके अभिभावकों के हितों को प्राथमिकता के तौर पर रखा गया है। ताकि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न कोचिंग संस्थान न कर सकें। अन्यथा उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।
बिना पंजीकरण कोई कोचिंग सेंटर नहीं होगा संचालित
भजनलाल सरकार द्वारा प्रस्तुत बिल के प्रावधानों के अनुसार अब राजस्थान में कोई भी कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण कराए संचालित नहीं हो सकेगा। कोचिंग सेंटर संचालकों की मनमानी के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों में बढ़ते बेहद तनाव को देखते हुए राजस्थान सरकार ने ये कदम उठाया है। बता दें पिछले दिनों कई छात्रों ने तनाव तथा अज्ञात कारणों से लगातार आत्महत्या जैसे कदम उठाए हैं। वहीं फीस को लेकर मनमानी व्यवस्था की भी कई शिकायतें मिल रहीं हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने जुर्माने के साथ पंजीकरण रद्द करने तक के प्रावधान किए गए हैं।
2-5 लाख तक होगा जुर्माना
जानकारों की मानें तो नए बिल के प्रावधानों का उल्लंघन करते पाए जाने पर कोचिंग सेंटर और उनके संचालकों पर 2 लाख से लेकर 5 लाख तक का अर्थदंड लगेगा। यही नहीं यदि दोबारा उल्लंघन करते पाए जाने पर कोचिंग संस्थान के पंजीकरण रद्द करने के साथ ही कोचिंग संस्थान को जब्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
जानें क्या हैं बिल में प्रावधान
राजस्थान के डिप्टी सीएम एवं शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा के द्वारा विधेयक को सदन में रखा गया। इस विधेयक के उद्देश्य पर सरकार के प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि-
• विद्यार्थियों में तनाव तथा आत्महत्या जैसे मामलों पर रोकथाम के लिए अब कोचिंग सेंटर में मनोचिकित्सा जैसी सेवाएं अनिवार्य होगी।
• अब अभिभावक से एक बार में पूरी फीस न देकर सुविधानुसार 4 किश्तों में दे सकेंगे।
• पंजीकरण रद्द कराने की स्थिति में कोचिंग सेंटर द्वारा पूरी फीस वापस करनी होगी।
• प्रमुख त्योहारों पर छात्रों की छुट्टी और साप्ताहिक अवकाश के अगले दिन परीक्षा नहीं होगी।
• हर कोचिंग सेंटर पर शिकायत पेटी अनिवार्य होगी।
• कोचिंग सेंटरों में सरकारी अध्यापक के पढ़ाने पर प्रतिबंध
• हर विद्यार्थी 1 वर्ग मीटर क्षेत्र के अनुरूप आधारभूत ढांचा होना चाहिए।
• कोचिंग सेंटरों के भ्रामक प्रचार पर रोक लगेगी।
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