Rajasthan Politics: आज राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने अचानक पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के जयपुर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर जाकर मुलाकात की। इस राजनीतिक मुलाकात के बाद से राजस्थान की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया। दोनों नेताओं के मध्य ये मुलाकात लगभग 30 मिनट की रही, जिसके बाद 31 जनवरी से आरंभ होने वाले राजस्थान बजट सत्र को देखते हुए भजनलाल सरकार इस सप्ताह के अंत तक मंत्रिमंडल विस्तार पर कोई बड़ा निर्णय ले सकती है।
बजट सत्र के बाद ही विस्तार की संभावना
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीएम भजनलाल बजट सत्र समाप्त होने के पश्चात ही मंत्रिमंडल विस्तार का निर्णय कर सकते हैं। इसके पीछे मुख्य वजह बजट सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा मंत्रियों से किए जाने वाले प्रश्नोत्तर हैं। इस स्थिति के लिए नए शामिल हुए मंत्रियों के लिए असहज हो जाएगी। ऐसे में कहा जाता है कि शपथ ग्रहण के बिना विपक्ष के सवालों के समुचित उत्तर उनके पास नहीं होंगे। वहीं कुछ राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भजनलाल सरकार ने 24 जनवरी को राजभवन के सभी कर्मचारियों छुट्टी नहीं करने तथा जयपुर नहीं छोड़ने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मंत्री पद के लिए कुछ नामों के चर्चे
माना जा रहा है कि इस बार जब भी मंत्रिमंडल विस्तार होगा वसुंधरा राजे खेमे के कुछ अनुभवी नेताओं के नाम पर चर्चा गर्म हो गई है। इन नामों में श्रीचंद कृपलानी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है, तो काली चरण सर्राफ तथा पुष्पेंद्र सिंह को आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में जगह मिल सकती है। जबकि उपरोक्त नामों में तो कृपलानी तथा सर्राफ तो वसुंधरा राजे सरकार के मंत्रिमंडल में भी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
पीएम से हुई राजे की कई मुलाकातें
बता दें इससे पहले वसुंधरा राजे पिछले माह दिल्ली जाकर पीएम मोदी से मुलाकात कर चुकी हैं। उसके बाद पीएम मोदी ने राजस्थान दौरे पर भी उनकी मंचों पर बात हुई हैं। इन मुलाकातों के बाद से ही ये कयास लगाए जाने लगे कि मंत्रिमंडल विस्तार में वसुंधरा राजे गुट के प्रतिनिधित्व की हरी झंडी मिल गई है। वहीं कुछ दिन पूर्व सीएम भजनलाल का दिल्ली जाकर गृहमंत्री अमित शाह से मिलना पुख्ता संकेत दे गया।
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